रोहतास: मध्य प्रदेश के बाणसागर जलाशय से पानी छोड़े जाने के बाद सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए रोहतास जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। इंद्रपुरी बराज के सभी 69 फाटक खोल दिए गए हैं, जहां से फिलहाल करीब 5.12 लाख क्यूसेक पानी सोन नदी में छोड़ा जा रहा है।

जलस्तर बढ़ने से सोन नदी के किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने नदी किनारे और नदी के बीच बने टापूनुमा ऊंचे स्थानों पर रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
बाणसागर से पानी छोड़े जाने के बाद बढ़ा प्रवाह
अधिकारियों के अनुसार, बाणसागर बराज के दो रेडियल गेट खोले जाने के बाद सोन नदी में पानी का प्रवाह बढ़ा। इसका असर इंद्रपुरी बराज पर भी पड़ा और बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बराज के सभी 69 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि सोन नदी में पानी का यह बढ़ा प्रवाह आगे गंगा नदी के जलस्तर को भी प्रभावित कर सकता है।
नौहट्टा, तिलौथू और नासरीगंज में माइकिंग
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सोन नदी के आसपास के इलाकों में माइकिंग के जरिए लोगों को लगातार सतर्क किया है। नौहट्टा, तिलौथू और नासरीगंज समेत नदी किनारे के इलाकों में लोगों से नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने की अपील की जा रही है।
खासकर नदी के बीच खेती करने वाले किसानों, पशुपालकों और अस्थायी रूप से रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
डीएम ने इंद्रपुरी बराज पहुंचकर लिया जायजा
सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रोहतास के जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा खुद इंद्रपुरी बराज पहुंचे। उन्होंने जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों और अधिकारियों के साथ बैठक कर बराज की स्थिति और पानी के डिस्चार्ज की समीक्षा की।
डीएम ने अधिकारियों को सोन नदी और बराज के जलस्तर की लगातार निगरानी करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया।
«“मध्य प्रदेश के बाणसागर से पानी छोड़े जाने के बाद सोन नदी का जलस्तर बढ़ा है। वर्तमान में करीब 5.12 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। हालांकि बाणसागर के रेडियल गेट अब धीरे-धीरे बंद किए जा रहे हैं, जिससे जलस्तर में कमी आने की संभावना है।”— दीपक कुमार मिश्रा, डीएम, रोहतास»
पलामू में रेड अलर्ट से बढ़ी चिंता
प्रशासन की चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि पलामू क्षेत्र में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी है। वहां होने वाली बारिश का असर सोन नदी के जलस्तर पर पड़ सकता है। ऐसे में अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
एडीएम, एसडीएम, बीडीओ और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमणशील रहने और जलस्तर की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।

राहत-बचाव के लिए तैयार रहने का निर्देश
प्रशासन ने अधिकारियों को किसी भी संभावित आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू करने के लिए तैयार रहने को कहा है। निचले इलाकों और नदी के आसपास बसे गांवों में लोगों को लगातार अलर्ट किया जा रहा है।
प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
जलस्तर सामान्य होने तक सतर्कता जरूरी
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, इसलिए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन के मुताबिक, स्थिति सामान्य होने तक निगरानी और अलर्ट जारी रहेगा।