रांची: झारखंड में परिसीमन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मोरहाबादी मैदान में रविवार को आयोजित आदिवासी महाजुटान रैली में परिसीमन के मुद्दे पर भाजपा को जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद अब बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर कई गंभीर आरोप लगाए और परिसीमन के मुद्दे पर राहुल गांधी समेत विपक्ष से सवाल पूछे।

‘2008 में कांग्रेस सरकार ने किया था परिसीमन’
अमर कुमार बाउरी ने दावा किया कि 2008 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान जनसंख्या के आधार पर लोकसभा और विधानसभा सीटों का परिसीमन किया गया था। उन्होंने कहा कि इसी प्रक्रिया के लिए 84वां संविधान संशोधन किया गया था।
भाजपा नेता के मुताबिक, उस समय तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने भी परिसीमन समिति के प्रस्ताव को लोकसभा में पारित कराने में सहयोग किया था।
बाउरी ने आरोप लगाया कि उस समय कांग्रेस ने जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्विन्यास किया, लेकिन अब जब भाजपा की ओर से 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव सामने आया है, तो कांग्रेस इसका विरोध कर रही है।
आदिवासी हितों को लेकर भी कांग्रेस पर हमला
अमर बाउरी ने झारखंड के गठन और आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को भी परिसीमन की बहस से जोड़ा। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में वर्ष 2000 में झारखंड अलग राज्य बना और 15 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के रूप में निर्धारित किया गया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में देशभर में मनाने की शुरुआत की। बाउरी ने दावा किया कि भाजपा ने लगातार आदिवासी और जनजातीय समाज के हितों को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के निर्वाचन का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आदिवासी समाज की महिला को पहुंचाने का काम किया।
‘कांग्रेस ने झारखंड में आदिवासी सीटें घटाईं’
भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके शासनकाल में झारखंड में आदिवासी सीटों की संख्या कम हुई थी। उन्होंने कहा कि 1984 के दंगे, देश का बंटवारा और 2008 में सीटों से जुड़े फैसले कांग्रेस के कार्यकाल की गलतियों में शामिल हैं।
बाउरी ने दावा किया कि वर्ष 2008 में 2026 तक परिसीमन पर रोक से जुड़ा प्रावधान किया गया था और अब इसकी अवधि समाप्त होने के मद्देनजर केंद्र सरकार सीटों में बढ़ोतरी का निर्णय ले रही है।
81 से बढ़कर 121 विधानसभा सीट होने का दावा
अमर बाउरी के अनुसार, झारखंड में वर्तमान में 81 विधानसभा सीटें हैं, जो परिसीमन के बाद बढ़कर करीब 121 हो सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी।
उनके मुताबिक, लोकसभा में झारखंड की आदिवासी आरक्षित सीटें 5 से बढ़कर 10 और अनुसूचित जाति की सीट 1 से बढ़कर 2 हो सकती है।
राहुल गांधी से पूछा सवाल
अमर बाउरी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल किया कि अगर भाजपा की ओर से सीटों में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव है, तो कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा इसका विरोध क्यों कर रहे हैं।
उन्होंने कांग्रेस से झारखंड की जनता को यह बताने की मांग की कि परिसीमन को लेकर उसका मौजूदा रुख क्या है। साथ ही बाउरी ने कांग्रेस से कथित पिछली चूक के लिए झारखंड की जनता से माफी मांगने की भी मांग की।