रांची: झारखंड में JPSC-JSSC में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन के 15वें दिन शुक्रवार को एक बार फिर सरकार और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत हुई। करीब डेढ़ घंटे चली इस बैठक में छात्रों ने अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं। हालांकि, बैठक के बाद भी आंदोलन को लेकर कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका।

सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया है। मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि छात्रों की मांगों को मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा। वहीं, छात्रों ने साफ कर दिया कि जब तक उनकी सभी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग
JPSC-JSSC न्याय मंच के बैनर तले जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में अपनी प्रमुख मांगें रखीं। छात्रों की ओर से 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने समेत JPSC और JSSC की व्यवस्था में सुधार की मांग की जा रही है।
बैठक में छात्रों की ओर से रामअवतार महतो, दीनबंधु मंडल, रविशंकर, रामकुमार, प्रेम कुमार, विमल कुमार और अमित कुमार समेत प्रतिनिधिमंडल शामिल रहा। वहीं सरकार की तरफ से मंत्री सुदिव्य कुमार, दीपिका पांडे सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव मौजूद रहे।

सरकार ने मांगे सुझाव
बैठक के बाद सरकार की ओर से JPSC और JSSC में सुधार को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। मंत्री सुदिव्य कुमार ने छात्रों और आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। इसके लिए jpsc.jssc.feedback@gmail.com ईमेल आईडी जारी की गई है।
सरकार का कहना है कि इस ईमेल के जरिए मिलने वाले सुझावों पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही NSUI समेत अलग-अलग छात्र संगठनों के साथ भी बातचीत की जाएगी। सरकार छात्रों और संगठनों से मिले सुझावों को मुख्यमंत्री के सामने रखेगी, जिसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।
छात्रों ने भी साफ किया अपना रुख
वहीं, छात्रों का कहना है कि उन्होंने अपनी सभी मांगें सरकार के सामने रख दी हैं और अब फैसला सरकार को लेना है। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि केवल आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा। मांगों पर ठोस निर्णय होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।