रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। भाजपा के गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने छात्रों के समर्थन में आंदोलन में शामिल होने का ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि अगर 13 अगस्त तक, यानी संसद का मौजूदा सत्र खत्म होने तक, छात्रों की मांगों पर कोई फैसला नहीं होता है, तो वह पार्टी से अनुमति लेकर आंदोलन में शामिल होंगे और अनशन पर बैठेंगे। निशिकांत दुबे के इस ऐलान के बाद छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनका कहना है कि छात्रों की मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करते हुए जल्द समाधान निकालना चाहिए।

भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता की तबीयत बिगड़ी
इधर, रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में जारी छात्र आंदोलन के दौरान अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे कई छात्रों की तबीयत बिगड़ने की खबर है। बताया गया है कि पिछले 6 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की स्वास्थ्य स्थिति भी खराब हुई है। मेडिकल टीम ने स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी। हालांकि, देवेंद्र नाथ महतो ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया और आंदोलन जारी रखने की बात कही।
आंदोलन स्थल पर 24 घंटे मेडिकल टीम की मांग
आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि लगातार भूख हड़ताल के कारण अनशन पर बैठे छात्रों की सेहत बिगड़ रही है, लेकिन धरना स्थल पर पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। छात्रों ने मांग की है कि जयपाल सिंह स्टेडियम में 24 घंटे मेडिकल टीम की तैनाती की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में अनशनकारियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके।
अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी
वहीं, अस्पताल में भर्ती कराए गए अनशनकारियों से मिलने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी पहुंचे। उन्होंने मरीजों का हाल जाना और अस्पताल प्रबंधन को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अब एक तरफ छात्रों की मांगों को लेकर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत पर नजर है, तो दूसरी तरफ निशिकांत दुबे के ऐलान ने इस पूरे मामले को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है।