रांची: झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) में वेतन बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठाए हैं। महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए डाटा एंट्री ऑपरेटर, हाउस कीपर, ऑफिस बॉय और ऑफिस अटेंडेंट संवर्ग के मानदेय में भी 60 प्रतिशत बढ़ोतरी करने की मांग की है।

महासंघ का आरोप है कि ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत JSLPS की ओर से जारी वेतन बढ़ोतरी के आदेश में केवल FTE (Fixed Tenure Employees) कर्मचारियों को लाभ दिया गया है, जबकि पिछले 10 से 15 वर्षों से कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर और हाउस कीपर संवर्ग को वेतन बढ़ोतरी से वंचित रखा गया है।
‘10-15 वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों के साथ अन्याय’
महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह का कहना है कि डाटा एंट्री ऑपरेटर और हाउस कीपर संवर्ग के कर्मचारी लंबे समय से JSLPS में काम कर रहे हैं। महासंघ का दावा है कि इन कर्मचारियों की नियुक्ति निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के तहत हुई है, बावजूद इसके उन्हें FTE का दर्जा नहीं दिया गया।
महासंघ का कहना है कि मॉडल HRMS में डाटा एंट्री ऑपरेटर और हाउस कीपिंग जैसे पदों का उल्लेख होने के बावजूद इन संवर्गों को वेतन बढ़ोतरी का लाभ नहीं दिया गया। संगठन ने सवाल उठाया है कि यदि ये कर्मचारी JSLPS में वर्षों से काम कर रहे हैं तो उन्हें FTE की श्रेणी में शामिल करने से क्यों वंचित रखा गया?

मुख्यमंत्री से कई बार हस्तक्षेप की मांग का दावा
महासंघ के अनुसार, इन कर्मचारियों को FTE में शामिल करने और उनकी मांगों के समाधान को लेकर संगठन पिछले करीब 10 वर्षों से विभागीय स्तर पर अनुरोध करता रहा है। महासंघ ने ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, विभागीय सचिव और JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के समक्ष भी मांग रखे जाने का दावा किया है। संगठन का कहना है कि मुख्यमंत्री की ओर से भी संबंधित मामले में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को कई पत्र भेजे गए, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
मानदेय को लेकर भी उठाए सवाल
महासंघ ने हाउस कीपर और ऑफिस बॉय जैसे कर्मचारियों के मानदेय को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि इन कर्मचारियों को करीब 450 रुपये प्रतिदिन, वह भी केवल कार्यदिवस के आधार पर मानदेय मिलता है। ऐसे में बढ़ती महंगाई के बीच उनके लिए जीवनयापन करना मुश्किल है। महासंघ ने डाटा एंट्री ऑपरेटर के मानदेय में भी अंतर का मुद्दा उठाया है। संगठन के अनुसार, पथ निर्माण विभाग में डाटा एंट्री ऑपरेटर को करीब 40,900 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है, जबकि JSLPS में यह राशि करीब 22,050 रुपये है।
वेतन बढ़ोतरी की जांच की मांग
महासंघ ने JSLPS में हालिया वेतन बढ़ोतरी के आधार और प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन का आरोप है कि जिन कर्मचारियों को FTE के नाम पर वेतन बढ़ोतरी का लाभ दिया गया, उनकी स्थिति और मॉडल HRMS में दर्ज पदों की भी जांच होनी चाहिए। महासंघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि JSLPS की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन डाटा एंट्री ऑपरेटर, हाउस कीपर, ऑफिस बॉय तथा ऑफिस अटेंडेंट कर्मचारियों को वेतन बढ़ोतरी से वंचित रखा गया है, उन्हें भी 60 प्रतिशत मानदेय वृद्धि का लाभ दिया जाए।

आंदोलन की तैयारी
महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। महासंघ के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर धरना-प्रदर्शन और हड़ताल की तैयारी की जा रही है।
महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह, अध्यक्ष देव नारायण सिंह मुंडा, सम्मानित अध्यक्ष मुक्तेश्वर लाल, मुख्य संरक्षक गणेश प्रसाद सिंह, घरभरन राम, डॉ. गणेश राम, बी. अगस्त क्रांति कुमार, कमलेश कुमार और रामाशीष पासवान सहित अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।