रांची: मासिक धर्म से जुड़ी सामाजिक वर्जनाओं को तोड़ने और किशोरियों में स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रांची जिला प्रशासन ने शनिवार को विश्व मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन दिवस का आयोजन किया। समाहरणालय स्थित ब्लॉक-बी सभागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने की।
इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो” रखी गई थी। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त संजय भगत, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरभि सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, कस्तुरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की छात्राएं, शिक्षिकाएं और महिला पर्यवेक्षिकाएं मौजूद रहीं।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इससे जुड़ी गलतफहमियों तथा सामाजिक संकोच को दूर करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पहली बार मासिक धर्म में प्रवेश करने वाली किशोरियों का विशेष रूप से उत्साहवर्धन किया और उन्हें हाइजिन एवं पोषण किट प्रदान की।

इस अवसर पर जिले के सभी कस्तुरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के लिए 16 सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें उपलब्ध कराई गईं। वहीं, कस्तुरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, कांके को सैनिटरी नैपकिन डिस्पोजर मशीन भी सौंपी गई।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने उपस्थित छात्राओं को महावारी स्वच्छता की शपथ दिलाई और सैनिटरी नैपकिन पैड का वितरण किया। साथ ही मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
जिला प्रशासन ने इसे महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले की प्रत्येक किशोरी को मासिक धर्म से संबंधित सही जानकारी, स्वच्छता के साधन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध हो सकें।