रांची: झारखण्ड में जनगणना 2027 के पहले चरण “हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस” की शुरुआत शनिवार 16 मई से हो गई है। यह अभियान 14 जून 2026 तक राज्य के सभी 24 जिलों में चलाया जाएगा। इस दौरान गणनाकर्मी घर-घर जाकर मकानों, परिवारों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारियां जुटाएंगे। पूरी प्रक्रिया इस बार डिजिटल माध्यम से की जा रही है।

जनगणना के पहले चरण में मकानों की स्थिति, परिवारों की संख्या, पेयजल, बिजली, शौचालय, रसोई गैस, इंटरनेट और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित डेटा एकत्र किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, डोर-टू-डोर फिजिकल वेरिफिकेशन के जरिए प्रत्येक परिवार की जानकारी दर्ज की जाएगी।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कर्मियों को सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। साथ ही सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए लोगों को गणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों के पहचान पत्र एवं नियुक्ति पत्र की जांच करने का निर्देश भी दिया गया है। पहचान पत्र पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन कर उनकी पुष्टि की जा सकती है।
इससे पहले राज्य में 1 मई से 15 मई तक “सेल्फ-एन्यूमरेशन” यानी स्व-गणना की सुविधा दी गई थी, जिसके तहत लोग डिजिटल पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना में सभी नागरिकों की भागीदारी अनिवार्य है। यह प्रक्रिया भविष्य की सरकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण और विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े तैयार करेगी।