33 लाख के इनामी समेत 25 माओवादी और 2 JJMP ने छोड़ी हिंसा की राह
16 आधुनिक हथियार और 2500 से ज्यादा कारतूस बरामद
“ऑपरेशन नवजीवन” के तहत अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक आत्मसमर्पण…
426 मामलों में वांछित रहे कई उग्रवादी अब लौटेंगे मुख्यधारा में
रांची :झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। राजधानी रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में एक साथ 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। सरेंडर करने वालों में 25 भाकपा माओवादी और 2 JJMP उग्रवादी शामिल हैं। झारखण्ड पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले 8 नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

इन सभी के खिलाफ अलग-अलग थानों में 426 से अधिक मामले दर्ज हैं…आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी सौंपे। इनमें 5 इंसास राइफल समेत कुल 16 आधुनिक हथियार और 2500 से ज्यादा जिंदा कारतूस शामिल हैं. झारखंड पुलिस ने इसे “ऑपरेशन नवजीवन” के तहत अब तक की सबसे बड़ी सफलता बताया है।
“जंगल से जनजीवन तक, 27 नक्सलियों की घर वापसी”
“बंदूक छोड़ी, मुख्यधारा चुनी”
“रांची में नक्सलियों का सबसे बड़ा सरेंडर”
“33 लाख के इनामी ने भी डाले हथियार”
“ऑपरेशन नवजीवन बना बदलाव की नई कहानी”
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार चलाए जा रहे अभियान का असर अब साफ दिखाई दे रहा है…कार्यक्रम के दौरान कई आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के परिजन भी मौजूद रहे। वर्षों तक जंगल और बंदूक के रास्ते पर चलने वाले ये लोग अब समाज की मुख्यधारा में लौटकर नई जिंदगी शुरू करेंगे.
झारखंड पुलिस की“नई दिशा-नई पहल”अभियान के तहत लगातार नक्सलियों को हिंसा छोड़कर विकास की राह अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि राज्य में नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है।