पटना: बिहार सरकार ने महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में जल्द ही महिला विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इस विश्वविद्यालय में कुलपति, प्रोफेसर, कर्मचारी और छात्राओं सहित सभी सदस्य महिलाएं होंगी।

रक्षाबंधन से पहले पटना के बापू सभागार में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
5 लाख महिलाओं के खातों में पहुंचे 600 करोड़ रुपये
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 5 लाख महिला लाभुकों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से 600 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए। इसके अलावा, जीविका निधि के तहत 10 हजार लाभुकों को ऋण भी वितरित किया गया।
मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत-समृद्ध बिहार’ अभियान के तहत 112 ग्रामीण हाटों के निर्माण कार्य का भी शुभारंभ किया। इन ग्रामीण हाटों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों की बिक्री और ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।

10 लाख जीविका दीदियों के घरों पर लगाए जाएंगे सोलर पैनल
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार ने 31 मार्च तक 10 लाख जीविका दीदियों के घरों पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। चिन्हित परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता के साथ महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बिहार में स्वयं सहायता समूहों से करीब 1 करोड़ 81 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं और जीविका दीदियां राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

1 करोड़ महिलाओं को रोजगार और 1 करोड़ को लखपति बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दे रही है। 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और 1 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पशुपालन, बकरी पालन, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
7,376 महिलाओं का सरकारी नर्स के रूप में चयन
मुख्यमंत्री ने बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित नर्स भर्ती परीक्षा में चयनित 7,376 महिला अभ्यर्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सरकारी नर्स के रूप में चयन उन्हें सरकारी सेवा में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने बिहार को एनीमिया मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाने की भी घोषणा की। इसके तहत नवंबर तक एक करोड़ महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कराने और आवश्यकता के अनुसार नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढ़ाने के लिए 1,000 महिलाओं को पीएचडी की पढ़ाई के लिए हर महीने 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बिहार में वर्तमान में करीब 4,600 लोग पीएचडी कर रहे हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या लगभग 600 है। सरकार का लक्ष्य उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ाना है।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘पुलिस दीदी’ पहल
महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कई पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि स्कूल, कॉलेज, कार्यालय और जीविका समूहों के आसपास ‘पुलिस दीदी’ की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
महिला पुलिसकर्मियों को मोटरसाइकिल भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि शिकायतों के त्वरित समाधान और महिलाओं की सुरक्षा में सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री के अनुसार, बिहार में करीब 40 हजार महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं।
30 दिनों के भीतर होगा समस्याओं का समाधान
मुख्यमंत्री ने ‘सहयोग कार्यक्रम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों की समस्याओं का 30 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। गांव, क्षेत्र या जीविका से संबंधित समस्याओं के लिए सहयोग पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है।
2030 तक महिलाओं पर खर्च होंगे 20 हजार करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संबंधी सशक्तीकरण के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। वर्ष 2030 तक बिहार सरकार महिलाओं पर 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि बिहार में 50 लाख जीविका दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं। वहीं, पशु सखी अभियान के तहत करीब 25 लाख महिलाएं पशुपालन, बकरी पालन और गाय पालन से जुड़ी हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बिहार की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तभी ‘समृद्ध बिहार’ और ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जीविका से जुड़ी महिलाएं उपस्थित रहीं।