पटना: रक्षा बंधन का त्योहार आमतौर पर भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के संकल्प के लिए जाना जाता है। लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस बार रक्षा बंधन को प्रकृति की रक्षा से जोड़कर एक अनोखा संदेश दिया।

राजधानी पटना स्थित राजधानी वाटिका-1 में मुख्यमंत्री ने पेड़ को रक्षा सूत्र बांधा और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इसके साथ ही उन्होंने नागलिंगम पौधे का रोपण भी किया।
पेड़ को राखी बांधकर दिया बड़ा संदेश
मुख्यमंत्री का यह अंदाज सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं था, बल्कि समाज को यह संदेश देने की कोशिश थी कि जिस तरह भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है, उसी तरह पेड़ों और प्रकृति की रक्षा करना भी हमारी जिम्मेदारी है।
पेड़ हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन देते हैं, गर्मी से राहत देते हैं और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में पेड़ों की रक्षा का संकल्प आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।

रक्षा बंधन के साथ ‘वृक्ष सुरक्षा दिवस’
रक्षा बंधन के अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से राज्य स्तरीय ‘वृक्ष सुरक्षा दिवस’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना, पेड़ों का संरक्षण करना और अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित करना है। जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव के बीच वृक्षारोपण के साथ-साथ लगाए गए पेड़ों को बचाना भी बेहद जरूरी है।
प्रकृति से रिश्ता मजबूत करने की पहल
मुख्यमंत्री ने जिस पेड़ को रक्षा सूत्र बांधा, वह तस्वीर अब एक बड़े संदेश का प्रतीक बन गई है—रक्षा सिर्फ रिश्तों की नहीं, प्रकृति की भी जरूरी है।
अगर हर व्यक्ति एक पेड़ को अपना ‘रक्षाबंधन साथी’ मानकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो यह छोटी-सी पहल पर्यावरण संरक्षण की बड़ी मुहिम बन सकती है।

रक्षा बंधन के इस खास मौके पर मुख्यमंत्री का यह संदेश साफ है—
“पेड़ बचेंगे, तभी जीवन बचेगा… और प्रकृति सुरक्षित होगी, तभी आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित रहेंगी।”
कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. रामचन्द्र प्रसाद, विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, विशेष सचिव आलोक कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरविन्दर सिंह सहित कई वरीय अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।