पटना : बिहार में कौशल विकास और रोजगार सृजन को नई गति देने के लिए राज्य सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि नवंबर 2025 से मई 2026 के बीच विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से 63,115 रोजगार अवसर सृजित किए गए हैं। वहीं बिहार रोजगार सेतु पोर्टल के जरिए अब तक 68,822 युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

बैठक में भविष्य की औद्योगिक और तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कौशल विकास कार्यक्रमों को पुनर्गठित करने पर जोर दिया गया। विकास आयुक्त ने AI, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर टेक्नोलॉजी, ग्रीन जॉब्स, एनर्जी मैनेजमेंट और अन्य उभरते क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करने के निर्देश दिए।
टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से राज्य के 149 आईटीआई संस्थानों का आधुनिकीकरण किया गया है, जहां इंडस्ट्री 4.0, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ऑटोमेशन और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे 23 आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। वहीं 44 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से 26,740 युवाओं को प्रशिक्षण और 4,600 युवाओं को रोजगार मिल चुका है।
समीक्षा बैठक में 3,615 करोड़ रुपये की PM-SETU परियोजना, एआई आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल, मेगा स्किल सेंटर और आर्यभट्ट इंटरनेशनल स्किल हब जैसी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। सरकार का लक्ष्य बिहार को देश के अग्रणी कौशल विकास और रोजगार सृजन वाले राज्यों में शामिल करना है।