पटना: बिहार सरकार ने राजधानी पटना के सौंदर्यीकरण और आधुनिक शहरी विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को नगर विकास एवं आवास विभाग की 286 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 157 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार के शहरों को आधुनिक, स्वच्छ, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना देश के सबसे ऐतिहासिक और गौरवशाली शहरों में से एक है, इसलिए इसके विकास के साथ-साथ इसकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी संरक्षित किया जा रहा है। इसी कड़ी में अमृत 2.0 योजना के तहत 11.44 करोड़ रुपये की लागत से ‘वेस्ट टू वंडर’ थीम पर आधारित लोकनायक जयप्रकाश नारायण पार्क का शिलान्यास किया गया है। इस पार्क में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जीवन और संघर्षों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। वहीं नमामि गंगे परियोजना के तहत अधिक से अधिक घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने का काम तेज किया जाएगा, जिससे गंगा की स्वच्छता और शहरी साफ-सफाई दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए वार्डों की जरूरतों के अनुसार सब्जी हाट योजना लागू की जाएगी। इसके अलावा पटना स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, जेपी गंगा पथ, ग्रीन एरिया डेवलपमेंट, पार्किंग, गार्डन और वॉकिंग पाथ जैसी कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है। रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए 50 आधुनिक दुकानों का शिलान्यास और 200 प्रीफैब्रिकेटेड दुकानों का उद्घाटन भी किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पटना में 66 हजार एकड़ क्षेत्र में ‘पाटलिपुत्र’ नाम से एक विशाल आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की आवासीय, शैक्षणिक, स्वास्थ्य, व्यावसायिक और मनोरंजन सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे पटना आधुनिक शहरी विकास का नया मॉडल बन सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार के प्रत्येक शहर को विकास, स्वच्छता और सुशासन का आदर्श केंद्र बनाना है। विकास कार्यों के माध्यम से पटना के ऐतिहासिक गौरव को नई पहचान मिलेगी और आने वाले समय में बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।