रांची: राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड की राजनीति लगातार गर्माती जा रही है। बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता, मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता विधानसभा परिसर में पहुंचकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने और संवैधानिक व्यवस्था में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं।

आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रियाओं पर भरोसा खो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा के भीतर राज्यसभा चुनाव से जुड़े अधिकारियों पर दबाव बनाने और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की कि संवैधानिक प्रक्रिया में बाधा डालने वाले लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव कराने की पूरी जिम्मेदारी रिटर्निंग ऑफिसर (RO) की होती है और उन्हें निष्पक्ष तरीके से अपना कार्य करने दिया जाना चाहिए।
आदित्य साहू ने कहा कि यदि कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है तो वह राजनीतिक दबाव बनाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास क्यों कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास खरीद-फरोख्त की राजनीति से जुड़ा रहा है और अब वही पार्टी चुनाव आयोग एवं संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार परिमल नथवानी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे उम्मीदवार का समर्थन कर रही है जिसका झारखंड से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। भाजपा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में झारखंड की अस्मिता और राज्य के हित सर्वोपरि होने चाहिए।
आदित्य साहू ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहता है तो भाजपा भी लोकतांत्रिक तरीके से इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। उन्होंने दोहराया कि राज्यसभा चुनाव की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और संविधान के अनुरूप होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।