जेवीएम श्यामली के पूर्व छात्र निखिल बारला भारतीय सीनियर फुटबॉल टीम में शामिल
झारखंड की प्रतिभा ने राष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया राज्य का सम्मान
निखिल बारला की सफलता से युवाओं और खेल प्रतिभाओं को मिली नई प्रेरणा
जेवीएम श्यामली ने जताया गर्व, कहा- अनुशासन और मेहनत से मिली ऐतिहासिक सफलता
रांची: जवाहर विद्या मंदिर श्यामली के पूर्व छात्र और उभरते फुटबॉल खिलाड़ी निखिल बारला का भारतीय सीनियर फुटबॉल टीम में चयन होने से पूरे झारखंड में खुशी की लहर है। निखिल अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस उपलब्धि को न केवल विद्यालय बल्कि पूरे राज्य के युवाओं और खेल जगत के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।

निखिल बारला ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के दौरान जेवीएम श्यामली में पढ़ाई करते हुए खेल और अनुशासन दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सीमित संसाधनों के बावजूद निरंतर मेहनत, समर्पण और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई। अब भारतीय सीनियर फुटबॉल टीम में चयन ने यह साबित कर दिया है कि झारखंड की प्रतिभाएं देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने की क्षमता रखती हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य बी एन झा ने कहा कि निखिल की सफलता विद्यालय परिवार के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि जेवीएम श्यामली हमेशा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में विश्वास करता है और निखिल की उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।
वहीं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) की उपाध्यक्ष एम एम देशगुप्ता ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और अवसर मिलने पर झारखंड के युवा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं।
निखिल बारला की सफलता को झारखंड में खेल संस्कृति के मजबूत होने और युवा शक्ति के उभार के रूप में देखा जा रहा है। खासकर आदिवासी और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले खिलाड़ियों के लिए यह उपलब्धि नई उम्मीद लेकर आई है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी सफलताएं राज्य में खेल अधोसंरचना और प्रतिभा संवर्धन को नई दिशा देंगी।
आज के दौर में जब खेलों में राज्य के युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, निखिल जैसे खिलाड़ी झारखंड की नई पहचान बनकर उभर रहे हैं। उनकी सफलता राज्य के युवाओं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं और खेल के प्रति समर्पित छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ने का संदेश देती है।