कोलंबो: श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के निकट होराना क्षेत्र स्थित एक वृद्धाश्रम में लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तीन अन्य लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों को आशंका है कि तलाशी अभियान के दौरान मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

जानकारी के अनुसार, घटना के समय वृद्धाश्रम में कुल 72 बुजुर्ग रह रहे थे। अचानक लगी आग ने कुछ ही देर में भवन के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। अधिकांश निवासी बुजुर्ग होने के कारण समय रहते बाहर नहीं निकल सके और कई लोग आग व धुएं के बीच फंस गए।
44 लोगों को सुरक्षित बचाया गया
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, आपातकालीन बचाव दल और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। संयुक्त राहत अभियान के दौरान 44 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि आग और धुएं की चपेट में आने से कई लोग घायल हो गए।
घटना में घायल हुए सात लोगों को इलाज के लिए होराना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू
दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग इतनी तेजी से फैली कि भवन के अंदर कई कमरों तक पहुंचने में बचाव दल को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। आग बुझने के बाद चलाए गए तलाशी अभियान में कई शव बरामद हुए, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई।
सिलिंडर विस्फोट की आशंका, जांच शुरू
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग लगने की वजह गैस सिलिंडर का विस्फोट हो सकती है, हालांकि अधिकारियों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच दल यह पता लगाने में जुटा है कि आग कैसे लगी और इतनी तेजी से पूरे भवन में कैसे फैल गई।
स्थानीय प्रशासन ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। वहीं सरकार ने घटना की विस्तृत जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। यह हादसा श्रीलंका में हाल के वर्षों की सबसे दर्दनाक वृद्धाश्रम त्रासदियों में से एक माना जा रहा है।