रांची: झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। झारखंड राज्य आजीविका चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ के आह्वान पर 13, 14 और 16 अगस्त को ऑफिस अटेंडेंट, हाउस कीपर और ऑफिस बॉय काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज करेंगे।

संघ के अनुसार, 18 अगस्त को JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के राज्य कार्यालय, स्मार्ट सिटी धुर्वा, रांची के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों की मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को सौंपा जाएगा।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 18 अगस्त तक मांगों को लागू नहीं किया गया, तो राज्य कमेटी के निर्णय के अनुसार अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। संघ का कहना है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?
संघ की प्रमुख मांगों में ऑफिस अटेंडेंट, ऑफिस बॉय और हाउस कीपर संवर्ग का न्यूनतम मानदेय 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने, इन्हें मानव संसाधन नियमावली के लेवल-L8 में शामिल करने और स्थायी समायोजन करने की मांग शामिल है।
संघ का दावा है कि JSLPS में इस संवर्ग के करीब 240 कर्मचारी हैं। इनमें से 8 ऑफिस अटेंडेंट को वर्षों पहले मानव संसाधन नियमावली के लेवल-L8 में शामिल कर 18 से 25 हजार रुपये तक मानदेय दिया जा रहा है, जबकि शेष 232 कर्मचारी 450 रुपये प्रतिदिन के मानदेय पर कार्य कर रहे हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें कार्य दिवस के आधार पर मानदेय मिलता है और अवकाश की सुविधा भी नहीं है। महिला कर्मचारियों को विशेष अवकाश नहीं मिलने तथा करीब 10 वर्षों से सेवा देने के बावजूद स्थायी समायोजन नहीं होने का भी संघ ने मुद्दा उठाया है।
महासंघ ने भी सरकार से की मांगों पर पहल की अपील
झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री, ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री, विभागीय सचिव और JSLPS के अधिकारियों से कई बार वार्ता की गई है, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं निकल सका है।
उन्होंने कहा कि मॉडल HR मैनुअल में भी इन पदों का उल्लेख है, इसके बावजूद मानदेय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई। महासंघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और ग्रामीण विकास विभाग से मानदेय बढ़ाने, FTE करने और स्थायी समायोजन की दिशा में जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
महासंघ के महामंत्री ने कहा कि उन्हें ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री, विभागीय सचिव और JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अनन्य मित्तल पर भरोसा है और उम्मीद है कि 18 अगस्त से पहले कर्मचारियों की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।