रांची: आज होगा राज्यसभा चुनाव का फैसला झारखंड की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। राज्यसभा की दो सीटों के लिए बुधवार को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। चुनाव को लेकर राजधानी रांची में पिछले कई दिनों से सियासी सरगर्मी चरम पर रही और सत्ता पक्ष व विपक्ष दोनों ने अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। मतदान के बाद देर शाम तक तस्वीर साफ होने की उम्मीद है कि राज्यसभा की दोनों सीटों पर जीत का ताज किसके सिर सजेगा।

तीन उम्मीदवारों के बीच दिलचस्प मुकाबला
इस बार राज्यसभा चुनाव में दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। महागठबंधन (INDIA) की ओर से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने प्रणव झा को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी भी चुनावी मुकाबले को रोचक बनाने में जुटे हुए हैं। तीसरे उम्मीदवार की मौजूदगी ने चुनाव को महज औपचारिक प्रक्रिया नहीं रहने दिया है, बल्कि इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई बना दिया है।
होटल पॉलिटिक्स और रणनीतिक बैठकों का दौर
मतदान से एक दिन पहले तक राजधानी रांची में होटल पॉलिटिक्स का दौर जारी रहा। दोनों खेमों के विधायक अलग-अलग स्थानों पर ठहरे रहे, जहां लगातार बैठकों और रणनीति पर चर्चा का सिलसिला चलता रहा। विधायकों को मतदान प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराने के लिए मॉक पोल का आयोजन भी किया गया, ताकि वोटिंग के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी गलती न हो।
NDA ने जताया भरोसा, महागठबंधन ने किया जीत का दावा
मतदान से पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने दावा किया कि NDA के सभी विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और गठबंधन मजबूती के साथ चुनाव लड़ रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कुछ विधायक अपनी अंतरात्मा की आवाज और व्यापक राजनीतिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए मतदान कर सकते हैं। दूसरी ओर कांग्रेस और झामुमो नेताओं ने भरोसा जताया कि महागठबंधन के सभी 56 विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और गठबंधन दोनों सीटों पर जीत दर्ज करेगा।
संख्या बल महागठबंधन के पक्ष में, लेकिन सस्पेंस बरकरार
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो विधानसभा में संख्या बल के आधार पर महागठबंधन की स्थिति मजबूत दिखाई देती है। एक उम्मीदवार को जीत के लिए लगभग 28 वोटों की आवश्यकता होती है और महागठबंधन के पास दोनों उम्मीदवारों को जिताने लायक संख्या मौजूद है। हालांकि तीसरे उम्मीदवार के मैदान में होने और क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने चुनावी उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।
अब नतीजों पर टिकी निगाहें
कई दिनों की सियासी गतिविधियों, रणनीतिक बैठकों और दावों-प्रतिदावों के बाद अब फैसला विधायकों के मतपेटी में बंद होगा। राज्यसभा चुनाव के नतीजे न केवल दो सांसदों का भविष्य तय करेंगे, बल्कि झारखंड की मौजूदा राजनीतिक ताकत और गठबंधनों की मजबूती का भी संदेश देंगे। अब पूरे राज्य की नजरें विधानसभा में होने वाले मतदान और उसके बाद आने वाले परिणामों पर टिकी हैं।