वैशाली: नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर अब बिहार में भी दिखाई देने लगा है। नेपाल की तबाही के बाद गंडक नदी के तेज बहाव में लकड़ियों और मलबे के साथ जानवरों और इंसानों के शव बहकर बिहार के हाजीपुर तक पहुंचने की सूचना सामने आई है। गंडक के काली घाट पर ऐसा भयावह दृश्य देखने को मिला, जिसने नदी किनारे रहने वाले लोगों और नाविकों को झकझोर दिया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, शनिवार सुबह नदी का जलप्रवाह काफी तेज था। इसी दौरान बड़ी मात्रा में लकड़ियां और मलबा बहता हुआ दिखाई दिया। जब लोग लकड़ियों को छानने के लिए नदी के किनारे पहुंचे, तो उन्हें मलबे के साथ जानवरों और इंसानों के शव भी दिखाई दिए।
लकड़ियों के साथ दिखे शव
काली घाट पर मौजूद पूर्व वार्ड पार्षद और धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य दिनेश सहनी ने बताया कि नदी में बड़ी संख्या में शव बहते हुए दिखाई दिए। उनका कहना है कि स्थिति इतनी भयावह थी कि इसे देखकर लोगों में डर का माहौल बन गया।
स्थानीय नाविक विकास सहनी के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे के बाद नदी में लकड़ियों और अन्य मलबे के साथ जानवरों और इंसानों के शव लगातार बहते हुए दिखाई देने लगे। हालांकि, कितने शव नदी से होकर गुजरे, इसका सही आंकड़ा बता पाना मुश्किल है।
इंसानों के साथ पशुओं के शव भी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नदी में इंसानों के शवों के अलावा गाय, भैंस, सुअर और बकरी जैसे पशुओं के शव भी बहकर आने की बात सामने आई है। इसके साथ ही घरेलू सामान और अन्य मलबा भी नदी में बहता हुआ देखा गया।
गंडक नदी के इस भयावह दृश्य ने आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेपाल में आई आपदा की भयावहता का अंदाजा अब नदी के जरिए बिहार पहुंच रहे मलबे से भी लगाया जा सकता है।
नेपाल की बाढ़ से भारी तबाही
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है, जबकि हजारों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है।
नेपाल से निकलने वाली गंडक नदी में बाढ़ के पानी के साथ मलबा और अन्य सामान भारतीय क्षेत्र में पहुंचने की घटनाएं पहले भी सामने आई हैं। इस बार नदी में शव दिखाई देने की सूचना ने चिंता और बढ़ा दी है।

मोतिहारी का परिवार भी नेपाल में लापता
नेपाल की बाढ़ के बीच बिहार के मोतिहारी जिले के एक परिवार के कई सदस्यों के लापता होने की खबर भी सामने आई है। आदापुर थाना क्षेत्र के छपरा गांव निवासी बुधन शाह अपने परिवार के साथ नेपाल के तरावती क्षेत्र के बतार में किराये के मकान में रहते थे।
बताया जा रहा है कि जिस समय नेपाल में बाढ़ ने तबाही मचाई, उस वक्त बुधन शाह मजदूरी के लिए बाहर गए हुए थे। जब वह वापस लौटे तो उनका घर पूरी तरह तबाह हो चुका था।
परिवार की मानती देवी, बेटियां आशा कुमारी और रूपा कुमारी, शादीशुदा बेटी संध्या कुमारी और संध्या की दो वर्षीय बेटी आयुषी कुमारी का अभी तक पता नहीं चल पाया है। परिवार के लोग लगातार उनकी तलाश और सुरक्षित होने की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
नेपाल की आपदा का असर अब सीमावर्ती बिहार के इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। गंडक नदी में बढ़े जलप्रवाह और उसके साथ बहकर आ रहे मलबे ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।