15 अगस्त तक जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों में रेफरल कंट्रोल सिस्टम लागू करने का निर्देश
निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों का काम तेजी से पूरा करने पर जोर
ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करेगी सरकार
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोक निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत ग्रीन फिल्ड और ब्राउन फिल्ड मेडिकल कॉलेजों का विकास किया जाएगा ताकि राज्य में बेहतर चिकित्सा शिक्षा और इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सके।

लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने विभागीय कार्यों, निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की प्रगति तथा भावी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाने की दिशा में तेजी से काम किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जिला एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में 15 अगस्त तक रेफरल नियंत्रण व्यवस्था लागू हो तथा इसकी मॉनिटरिंग जिलाधिकारी करें।
उन्होंने निर्माणाधीन चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों के कार्य को तेजी से पूरा करने पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री निशांत, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रमुख बिंदु
PPP मॉडल पर ग्रीन फिल्ड और ब्राउन फिल्ड मेडिकल कॉलेज विकसित होंगे।
जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों में 15 अगस्त तक रेफरल कंट्रोल सिस्टम लागू होगा।
अनावश्यक रेफरल रोकने के लिए जिलाधिकारियों को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी।
निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों का कार्य तेजी से पूरा करने का निर्देश।
ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने पर जोर।
राज्य में सुलभ, पारदर्शी और उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता।