रांची: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने एक शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। मंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार अकेला नहीं है और सरकार के साथ-साथ वह व्यक्तिगत रूप से भी उनके साथ खड़े रहेंगे।

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि जीवन में हादसे बिना किसी पूर्व सूचना के आते हैं। एक पल में किसी का संसार उजड़ जाता है, किसी के सिर से पिता का साया उठ जाता है तो किसी की मांग का सिंदूर मिट जाता है। ऐसे कठिन समय में इंसानियत और संवेदनशीलता ही सबसे बड़ा सहारा बनती है।
उन्होंने कहा कि शोकाकुल परिवार से मुलाकात के दौरान उनका दर्द और भविष्य को लेकर उनकी चिंता साफ दिखाई दे रही थी। परिवार की पीड़ा को देखते हुए उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे अकेले नहीं हैं और आगे भी हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने का अर्थ केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि लोगों के सुख-दुख में उनके अपने बनकर खड़ा रहना भी है। जब किसी परिवार पर संकट आता है, तब उसे सबसे अधिक सहारे, संवेदना और विश्वास की आवश्यकता होती है।
डॉ. इरफान अंसारी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति देने की कामना की। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में भी पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे और हरसंभव सहयोग करते रहेंगे।
उन्होंने अपने संदेश के अंत में कहा कि “आंसू पोंछने वाले हाथ ही इंसानियत की सबसे बड़ी पहचान होते हैं।”