बस स्टैंड, नाली-सड़क निर्माण, खासमहल जमीन और झील संरक्षण का मुद्दा उठा; बोले- जरूरी सुविधाओं की जगह झील पर हो रहे प्रयोग
हजारीबाग:
अन्नदा चौक स्थित प्रभु निवास मार्केट के हैबलॉक में बुधवार को शहर की मूलभूत समस्याओं को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भैया अभिमन्यु प्रसाद ने हजारीबाग शहर की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की।
उन्होंने कहा कि शहर की सड़कों की स्थिति ऐसी हो गई है कि “गड्ढों के बीच सड़क नजर आ रही है।” सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने के कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 35 वर्षों से नाली, गली, सड़क, गड्ढा और कीचड़ जैसी समस्याएं शहरवासियों के सामने बनी हुई हैं, लेकिन इनका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
भैया अभिमन्यु प्रसाद ने कहा कि बार-बार पुरानी बातों को कुरेदने के बजाय वर्तमान समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा और कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “लोग अस्पताल में सलाइन मांग रहे हैं और उन्हें थाईलैंड का टिकट मिल रहा है।”
बस स्टैंड और खासमहल जमीन का मुद्दा
प्रेस वार्ता में हजारीबाग में बस स्टैंड निर्माण, खासमहल जमीन मामले के समाधान तथा शहर में बेहतर नाली और सड़क निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि शहरवासियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाना चाहिए।
झील को लेकर भी उठे सवाल
शहर की झील को लेकर भी प्रेस वार्ता में सवाल उठाए गए। अभिमन्यु प्रसाद ने कहा कि कई तरह की योजनाएं बार-बार झील पर ही लाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का विस्तार कटकमसांडी, कटकमदाग, चरही और झुमरा जैसे क्षेत्रों तक किया जाना चाहिए।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि झील को टेंडर लाने की प्रयोगशाला और अखाड़ा बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की जरूरत बिजली और सड़क की है, जबकि उन्हें फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जैसी योजनाएं मिल रही हैं।
प्रेस वार्ता में बटेश्वर प्रसाद मेहता, जितेंद्र जैन और मूलचंद साव सहित अन्य लोग उपस्थित थे। वक्ताओं ने शहर की मूलभूत समस्याओं के शीघ्र और स्थायी समाधान की मांग की।