रांची: हरमू नदी को अतिक्रमण के कब्जे से मुक्त कराने की दिशा में रांची नगर निगम ने बड़ी पहल शुरू कर दी है। नदी किनारे वर्षों से हुए अवैध निर्माणों की पहचान के लिए बुधवार से व्यापक मापी और सर्वेक्षण अभियान शुरू किया गया। नगर निगम का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

नगर आयुक्त सुशांत गौरव के निर्देश पर शुरू हुए इस अभियान में निगम की टीम ने हिंदपीढ़ी क्षेत्र समेत हरमू नदी के विभिन्न हिस्सों का भौतिक सत्यापन किया। अधिकारियों ने नदी की वास्तविक सीमा, जलधारा और उसके आसपास बने ढांचों का निरीक्षण कर आवश्यक आंकड़े जुटाए।
पहले मापी, फिर कार्रवाई
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार अतिक्रमण हटाने से पहले पूरे नदी क्षेत्र का सटीक सीमांकन किया जा रहा है। मापी के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि नदी की मूल सीमा कहां तक है और किन-किन स्थानों पर अवैध कब्जे हुए हैं। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी, जिसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।..
हरमू नदी का बदला जाएगा स्वरूप:
रांची की प्रमुख जलधाराओं में शामिल हरमू नदी लंबे समय से अतिक्रमण और अनियोजित निर्माण की समस्या से जूझ रही है। इसके कारण जल प्रवाह बाधित होने के साथ-साथ बरसात के दिनों में जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थिति भी पैदा होती रही है। नगर निगम का मानना है कि नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए अतिक्रमण हटाना बेहद जरूरी है।
संरक्षण के साथ सौंदर्यीकरण पर भी फोकस:
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि हरमू नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि रांची की प्राकृतिक धरोहर है। निगम का लक्ष्य नदी को अतिक्रमण मुक्त बनाने के साथ-साथ उसका संरक्षण, सौंदर्यीकरण और दीर्घकालिक पुनर्जीवन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से और कानूनी प्रावधानों के तहत पूरी की जाएगी।
नगर निगम ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि हरमू नदी को बचाने और उसके प्राकृतिक स्वरूप को पुनर्स्थापित करने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।