मछली उत्पादन के साथ इको-टूरिज्म को भी मिलेगा बढ़ावा
31.21 करोड़ की परियोजना से रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ताकत
भोजपुर: बिहार में मत्स्य क्षेत्र को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड स्थित नवादाबेन पंचायत के वाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में 31.21 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क का शिलान्यास किया। 32 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह पार्क राज्य में आधुनिक एवं समेकित मत्स्य विकास का मॉडल केंद्र बनेगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कार्प हैचरी, स्ट्रिप्ड कैटफिश हैचरी, बायोफ्लॉक यूनिट, आरएएस सिस्टम, फीड मिल, प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षण परिसर, जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला, रोग निदान प्रयोगशाला और अतिथि गृह जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा परिसर में इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर सके।
31.21 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होगा इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क
कार्प हैचरी, कैटफिश हैचरी, फीड मिल, लैब और प्रशिक्षण केंद्र जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी
मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा
एक्वा पार्क में इको-टूरिज्म भी विकसित किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने 125 यूनिट मुफ्त बिजली और सोलर योजना का भी जिक्र किया
भोजपुर में बनेगा आधुनिक इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क, मछली उत्पादन और इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

सीएम की प्रमुख बातें
शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के विजन को धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि, मत्स्यपालन और पशुपालन बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाले प्रमुख क्षेत्र हैं। बिहार में पिछले वर्षों में मछली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह परियोजना इस विकास को नई गति देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्वा पार्क के स्थापित होने से आधुनिक मत्स्य तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन संभव होगा, जिससे उत्पादन और उत्पादकता दोनों में वृद्धि होगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि यह परियोजना मत्स्य किसानों की आय बढ़ाने, पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने और बिहार को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभुकों और मत्स्यपालकों को चाबी एवं किट भी वितरित किए। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, कई मंत्री, सांसद, विधायक तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।