नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। दक्षिण भारत के राज्यों में अगले दो दिनों के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, अंडमान सागर के ऊपर बन रहा लो-प्रेशर एरिया और मजबूत हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक इसके डिप्रेशन में बदलने और आगे चलकर चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना पर नजर रखी जा रही है।
दक्षिणी राज्यों में झमाझम बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार, 23 और 24 अक्टूबर को केरल, माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं 23 अक्टूबर को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भी तेज बारिश का अनुमान है।
24 अक्टूबर को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के साथ दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कई जगहों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।
40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज के साथ बारिश और बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंतरिक कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और रायलसीमा में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों तथा लक्षद्वीप के आसपास समुद्र की स्थिति खराब रहने का अनुमान है। यहां हवा की गति 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की रफ्तार 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। ऐसे में मछुआरों को समुद्र में जाने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अंडमान सागर का सिस्टम बढ़ा सकता है चिंता
अंडमान सागर के ऊपर बन रहे लो-प्रेशर एरिया पर मौसम विभाग की नजर बनी हुई है। इसके और मजबूत होकर डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह सिस्टम चक्रवाती तूफान का रूप भी ले सकता है।
मौसम मॉडल के अनुसार 27 और 28 अक्टूबर के आसपास इसका असर तमिलनाडु या आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है। हालांकि, सिस्टम की दिशा, गति और तट से टकराने की स्थिति को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। मौसम विभाग लगातार इसकी निगरानी कर रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में भी बदल सकता है मौसम
उत्तर भारत में भी 24 अक्टूबर के आसपास मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना है। इसका असर पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तक भी पहुंच सकता है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 24 और 25 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 3,500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी हो सकती है।
पश्चिमी भारत में गर्मी और उमस का असर
पश्चिमी भारत में फिलहाल मौसम का मिजाज अलग रहने वाला है। गुजरात के ऊपर बने एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण कुछ इलाकों में मौसम प्रभावित हो सकता है। मुंबई और गोवा में गर्मी के साथ उमस बनी रहने की संभावना है।
वहीं, उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 24 और 25 अक्टूबर के आसपास मौसम में बदलाव हो सकता है। गुजरात और दक्षिणी राजस्थान के कुछ इलाकों में तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है।
देशभर में मौसम का बदलेगा मिजाज
बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के आसपास बन रहे मौसम सिस्टम के कारण दक्षिण भारत में बारिश का दौर तेज हो सकता है। वहीं पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल सकते हैं।