दुमका: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उपराजधानी दुमका के पुलिस लाइन मैदान में तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। इस दौरान उन्होंने राज्यवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में राज्यपाल ने युवाओं के रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुशासन को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं।

परीक्षा में कदाचार पर राज्यपाल सख्त
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता सीधे तौर पर युवाओं के भविष्य और उनके विश्वास से जुड़ी है। परीक्षा व्यवस्था में प्रश्नपत्र लीक, कदाचार या किसी भी तरह की अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं मेहनत और प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ने वाले विद्यार्थियों के मनोबल और भविष्य को प्रभावित करती हैं। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार परीक्षा प्रणाली की कमियों की गहन समीक्षा कर उन्हें दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएगी और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।
युवाओं के लिए रोजगार को बताया जरूरी
संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि झारखंड के युवाओं की आकांक्षाओं और सपनों को पूरा करने के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार बेहद महत्वपूर्ण है। सरकारी सेवाओं में युवाओं को अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
जनता के प्रति जवाबदेह बने प्रशासन
राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है। योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाना, प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाना और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस सुशासन की पहचान है।
उन्होंने कहा कि तकनीक और डिजिटल व्यवस्था के बेहतर इस्तेमाल से सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाया जा रहा है। भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कठोर और निरंतर कार्रवाई जरूरी है।
2047 के विकसित भारत में युवाओं की अहम भूमिका
राज्यपाल ने युवाओं से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प पूरा करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवाओं के पास ऊर्जा, तकनीक, नए विचार और कुछ नया करने का साहस है। इन क्षमताओं को सही दिशा देकर राज्य और देश के विकास को नई गति दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के पूरे अवसर देने, जनजातीय और वंचित समाज के विकास को प्राथमिकता देने तथा युवाओं के सपनों, प्रतिभा और परिश्रम का सम्मान करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का सामूहिक संकल्प लेना चाहिए।