रांची: देश में अवैध कोयला खनन और तस्करी के खिलाफ लड़ाई अब नए दौर में पहुंच गई है। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम (MMDR Act) में संशोधन के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को प्रवर्तन संबंधी कई अहम अधिकार मिल गए हैं। इन नए अधिकारों के बाद अब CISF अवैध खनन और कोयला तस्करी के खिलाफ पहले से अधिक प्रभावी और स्वतंत्र कार्रवाई कर सकेगी।

पहले CISF की भूमिका केवल कोयला कंपनियों और परिसरों की सुरक्षा तक सीमित थी। अवैध कोयला, वाहन या तस्करों को पकड़ने के बाद स्थानीय पुलिस को कार्रवाई सौंपनी पड़ती थी। इस प्रक्रिया में देरी और कानूनी जटिलताओं का फायदा कई बार तस्कर उठा लेते थे।
अब MMDR Act में हुए संशोधन के बाद अधिकृत CISF अधिकारियों को स्वतंत्र रूप से छापेमारी करने, अवैध कोयला और वाहनों को जब्त करने, सक्षम न्यायालय में सीधे शिकायत दर्ज कराने और मामलों की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का अधिकार मिल गया है। इससे अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद है।
इन नए अधिकारों का असर जमीन पर भी दिखाई देने लगा है। 4 से 8 जुलाई के बीच झारखंड और पश्चिम बंगाल के कोयला क्षेत्रों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 428.34 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया गया। वहीं 9 जुलाई की रात हजारीबाग के बड़कागांव स्थित 13 माइल चौक पर विशेष अभियान में 150.9 मीट्रिक टन अवैध कोयला, 4 ट्रक और 2 मोटरसाइकिलें जब्त की गईं।
विशेषज्ञों का मानना है कि CISF को मिली नई कानूनी शक्तियां कोयला माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगी। बेहतर निगरानी तकनीक और कानूनी अधिकारों के साथ अब राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी और अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में बड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है…