नई दिल्ली: अगर आप ट्रेन में सफर के दौरान टिकट दिखाने के लिए WhatsApp, स्क्रीनशॉट, फोटो या PDF का इस्तेमाल करते हैं, तो अब आपको सावधान रहने की जरूरत है। भारतीय रेलवे ने स्पष्ट किया है कि RailOne App से बुक किए गए अनारक्षित (Unreserved) डिजिटल टिकट के मामले में केवल ऐप पर दिखाई देने वाला मूल (Original) टिकट ही वैध माना जाएगा। WhatsApp पर भेजा गया टिकट, स्क्रीनशॉट, फोटो या PDF यात्रा के लिए मान्य नहीं होगा।

रेलवे की ओर से यह स्पष्टीकरण दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने 8 जुलाई 2026 को अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट के जरिए जारी किया था। इसके बाद 10 जुलाई को इस नियम की विस्तृत जानकारी सामने आई। रेलवे ने इस संबंध में किसी अलग प्रभावी तिथि की घोषणा नहीं की है, इसलिए यह नियम फिलहाल लागू माना जा रहा है।
क्या हैं नए नियम?
RailOne App से बुक किया गया अनारक्षित डिजिटल टिकट केवल उसी मोबाइल फोन पर मान्य होगा, जिससे टिकट बुक किया गया है।
यात्रा के दौरान वही मोबाइल फोन साथ रखना अनिवार्य होगा।
यात्री को फोटोयुक्त पहचान पत्र (Photo ID) भी साथ रखना होगा।
WhatsApp, स्क्रीनशॉट, फोटो या PDF के जरिए दिखाया गया टिकट मान्य नहीं होगा।
अनारक्षित डिजिटल टिकट ट्रेन खुलने से पहले ही बुक करना होगा। ट्रेन छूटने के बाद बुक किया गया टिकट अमान्य माना जाएगा।
क्यों बदला गया नियम?
रेलवे के मुताबिक, डिजिटल टिकटों के दुरुपयोग और फर्जी स्क्रीनशॉट के जरिए यात्रा करने की घटनाओं को रोकने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। हाल ही में टिकट जांच के दौरान एक महिला यात्री ने WhatsApp पर मिला टिकट का स्क्रीनशॉट दिखाया, जिसे अमान्य मानते हुए जुर्माना लगाया गया। इसके बाद रेलवे ने नियमों को फिर से स्पष्ट किया।
किन यात्रियों पर लागू नहीं होगा यह नियम?
यह नियम केवल RailOne App से बुक किए गए अनारक्षित (जनरल) डिजिटल टिकटों पर लागू है। IRCTC के जरिए बुक किए गए आरक्षित (Reserved) टिकटों के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।