लखनऊ: आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की टीम रविवार को लखनऊ पहुंच गई। आयोग के सदस्य सचिव पंकज जैन के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम 22 और 23 जून को कर्मचारी संगठनों, शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य हितधारकों के साथ बैठक कर सुझाव प्राप्त करेगी। आयोग के साथ वित्त विभाग के अधिकारियों की टीम भी मौजूद है। बैठकें पूरी होने के बाद आयोग की टीम 24 जून को वापस लौटेगी।

कर्मचारी संगठनों की ओर से पुरानी पेंशन बहाली, वेतन और भत्तों में वृद्धि, सेवा सुविधाओं में सुधार तथा कर्मचारियों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को आयोग के समक्ष रखा जाएगा। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि आयोग के समक्ष वे अपनी मांगों को मजबूती से रखेंगे।
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स को 23 जून को वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया है। फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एनडी द्विवेदी ने बताया कि संगठन वेतन संरचना, न्यूनतम वेतन, वार्षिक वेतन वृद्धि, पे स्केल मर्जर, महंगाई भत्ता, शैक्षिक भत्ता, अतिरिक्त कार्य भत्ता, प्रतिनियुक्ति भत्ता, आवास किराया भत्ता, यात्रा भत्ता और अन्य भत्तों से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखेगा।
इसके अलावा आकस्मिक अवकाश, अर्जित अवकाश, मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश, चिकित्सा अवकाश, ग्रुप इंश्योरेंस, जीपीएफ और अनुकंपा नियुक्ति जैसे विषयों पर भी आयोग को सुझाव दिए जाएंगे। फेडरेशन पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग भी प्रमुखता से उठाएगा।
वहीं राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों और बिजली कर्मियों के संगठनों ने आयोग की बैठक में शामिल नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई है। संयुक्त प्रेसवार्ता में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने कहा कि राज्य कर्मचारियों और शिक्षकों को नजरअंदाज करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आयोग से आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों की समस्याओं पर भी गंभीरता से विचार करने की मांग की।
कर्मचारी संगठनों ने कहा कि अब वे संयुक्त रूप से दिल्ली जाकर आठवें वेतन आयोग के अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे और अपना पक्ष सीधे उनके समक्ष रखेंगे।