रांची :देशभर में आयोजित नीट (NEET) पुनर्परीक्षा के महज एक दिन बाद बिहार से एक बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस ने एक कथित पेपर सॉल्विंग गैंग का भंडाफोड़ करते हुए 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में बायोमैट्रिक सेवा प्रदान करने वाली कंपनी के 14 कर्मचारी और 5 मेडिकल छात्र शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता कर अभ्यर्थियों को अवैध लाभ पहुंचाने की साजिश में शामिल था।
पुलिस को आशंका है कि गिरोह बायोमैट्रिक सत्यापन और परीक्षा केंद्रों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी का दुरुपयोग कर उम्मीदवारों की मदद करने का प्रयास कर रहा था। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क का संचालन कैसे किया जा रहा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी।
सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार मेडिकल छात्र अभ्यर्थियों के लिए प्रश्न हल करने या अन्य परीक्षा संबंधी अनियमित गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। हालांकि पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली और वास्तविक भूमिका का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।
पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह का नेटवर्क बिहार से बाहर अन्य राज्यों तक फैला हुआ था या नहीं। मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि इस वर्ष नीट परीक्षा पहले ही पेपर लीक के आरोपों को लेकर विवादों में रही है। इसके बाद परीक्षा दोबारा आयोजित की गई थी। ऐसे में पुनर्परीक्षा के तुरंत बाद इस गैंग की गिरफ्तारी ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।