बहरागोड़ा: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बुधवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा स्थित देव वाटिका में आयोजित “प्रतिभा सम्मान समारोह-2026” में दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

राज्यपाल ने कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी उसकी युवा प्रतिभाएं होती हैं। शिक्षित, संस्कारित और जिम्मेदार युवा ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, सामाजिक चेतना और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी असीम प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें उचित अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की आवश्यकता है। ऐसे सम्मान समारोह स्थानीय प्रतिभाओं का उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनते हैं।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि सफल व्यक्ति बनने से भी अधिक महत्वपूर्ण एक अच्छा इंसान बनना है। विद्यार्थियों से उन्होंने विनम्रता, संस्कार और मानवीय मूल्यों को जीवन का आधार बनाने तथा अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने विश्वास जताया कि झारखंड की युवा पीढ़ी अपने परिश्रम, प्रतिभा और संस्कारों के बल पर न केवल अपने परिवार और क्षेत्र, बल्कि पूरे राज्य और देश का नाम रोशन करेगी।
कार्यक्रम के समापन के बाद राज्यपाल ने मेधावी विद्यार्थियों के साथ भोजन किया और उनसे संवाद कर उनके सपनों, लक्ष्यों तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।