झारखंड राज्यसभा चुनाव: परिमल नाथवानी को बड़ी राहत, सभी आपत्तियां खारिज, नामांकन मंजूर
दो दिन का सस्पेंस खत्म! परिमल नाथवानी का नामांकन वैध, कांग्रेस की आपत्तियां खारिज
परिमल नाथवानी की उम्मीदवारी पर लगी मुहर, रिटर्निंग ऑफिसर ने सभी आरोप किए खारिज
राज्यसभा चुनाव में बड़ा फैसला: परिमल नाथवानी के नामांकन को मिली मंजूरी
रांची: झारखंड से राज्यसभा चुनाव के लिए निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन को आखिरकार मंजूरी मिल गई है। रिटर्निंग ऑफिसर ने उनके खिलाफ दाखिल सभी आपत्तियों को खारिज करते हुए नामांकन पत्र को वैध घोषित कर दिया। इसके साथ ही पिछले दो दिनों से चल रहा सस्पेंस भी खत्म हो गया।

जारी आदेश के अनुसार, नाथवानी के नामांकन पर चार प्रमुख आपत्तियां उठाई गई थीं। इनमें नो ड्यूज सर्टिफिकेट नहीं देने, शेयरहोल्डिंग/वित्तीय हितों के कथित खुलासे में कमी, नाम में अंतर (परिमल नाथवानी और नाथवानी परिमल ) तथा फॉर्म-26 में कुछ कॉलम खाली छोड़ने से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
रिटर्निंग ऑफिसर ने सुनवाई के दौरान नामांकन पत्र, प्रत्याशी का लिखित जवाब, संबंधित दस्तावेज और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों की जांच की। आदेश में कहा गया कि उम्मीदवार ने आवश्यक एनओसी/नो ड्यूज प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया है। वहीं शेयरहोल्डिंग से जुड़े आरोपों को नामांकन खारिज करने का आधार नहीं माना गया, क्योंकि ऐसे मामलों की सत्यता का परीक्षण स्क्रूटनी के सीमित दायरे से बाहर है।




नाम में अंतर को भी केवल तकनीकी त्रुटि माना गया। आदेश में कहा गया कि उपलब्ध दस्तावेजों से स्पष्ट है कि “परिमल नाथवानी ” और “नाथवानी परिमल ” एक ही व्यक्ति हैं, इसलिए इससे उम्मीदवार की पहचान पर कोई संदेह नहीं होता।
फॉर्म-26 में खाली कॉलम के मुद्दे पर भी उम्मीदवार की ओर से संशोधित शपथपत्र दाखिल किया गया। रिटर्निंग ऑफिसर ने माना कि यह ऐसी त्रुटि नहीं है जिसे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा-36 के तहत नामांकन खारिज करने का आधार बनाया जा सके।
इन सभी तथ्यों के आधार पर रिटर्निंग ऑफिसर ने परिमल नाथवानी के खिलाफ दायर आपत्तियों को निरस्त करते हुए उनके नामांकन पत्र को वैध घोषित कर दिया। इसके साथ ही अब झारखंड राज्यसभा चुनाव में उनकी उम्मीदवारी पर बना संशय पूरी तरह समाप्त हो गया।