रांची: झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अपनी पहली राज्यसभा सीट के लिए लातेहार से कई बार विधायक और राज्य सरकार में मंत्री रहे बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने केंद्रीय कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी औपचारिक घोषणा की।

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि बैद्यनाथ राम पार्टी के समर्पित और अनुभवी नेता हैं। उन्होंने लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों और वंचित समाज की आवाज़ को मजबूती से उठाया है। पार्टी को विश्वास है कि वे राज्यसभा में झारखंड के हितों का प्रभावी प्रतिनिधित्व करेंगे।
सोरेन परिवार की अटकलों पर विराम
दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई राज्यसभा सीट को लेकर यह चर्चा थी कि सोरेन परिवार का कोई सदस्य उम्मीदवार हो सकता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बहन अंजनी सोरेन के नाम की भी चर्चा जोरों पर थी। हालांकि, पार्टी ने सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए परिवार से बाहर के नेता बैद्यनाथ राम पर भरोसा जताया।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि मुख्यमंत्री एवं पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। बैद्यनाथ राम सोमवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
दूसरी सीट पर अभी फैसला बाकी
राज्यसभा की दूसरी सीट को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं हुई है। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि इस संबंध में अंतिम निर्णय पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष लेंगे और फैसला होने के बाद मीडिया को जानकारी दी जाएगी।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की ओर से छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रांची दौरे के बाद महागठबंधन के भीतर सीटों को लेकर अंतिम सहमति बनने की संभावना है। ऐसे में झामुमो दूसरी सीट पर अपने उम्मीदवार को लेकर फिलहाल इंतजार की रणनीति अपनाए हुए है।
कौन हैं बैद्यनाथ राम?
बैद्यनाथ राम झारखंड की राजनीति में एक मजबूत दलित चेहरे के रूप में पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जनता दल (यूनाइटेड) से की थी और बाद में भाजपा तथा फिर झामुमो का दामन थामा। वे लातेहार विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक चुने जा चुके हैं।
अर्जुन मुंडा सरकार में वे स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने झामुमो के टिकट पर भाजपा के प्रकाश राम को हराकर बड़ी जीत दर्ज की थी। वर्तमान में वे राज्य सरकार में मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
महागठबंधन की राजनीति पर सबकी नजर
बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार बनाकर झामुमो ने राज्यसभा चुनाव की पहली बाजी जरूर चल दी है, लेकिन दूसरी सीट को लेकर महागठबंधन की रणनीति पर अब भी सस्पेंस बना हुआ है। कांग्रेस और झामुमो के बीच होने वाली आगामी बातचीत के बाद ही दूसरी सीट की तस्वीर पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है।