पटना: बिहार की राजधानी पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सियासी हलचल चरम पर है। एनडीए के अधिकांश विधायक पटना पहुंच चुके हैं और मंत्री पद की उम्मीद में लगातार नेताओं का आना जारी है।
सम्राट चौधरी सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार 7 मई (गुरुवार) को दोपहर करीब 12 बजे प्रस्तावित है। शपथ ग्रहण समारोह ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित होगा, जिसके लिए प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।

मंत्रिमंडल में संतुलन का फॉर्मूला
सूत्रों के अनुसार, इस विस्तार में बीजेपी और जेडीयू के बीच बराबरी का संतुलन साधने की कोशिश की गई है। कुल 28 से 30 मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है, जिसके बाद कैबिनेट का आकार 30 से 32 तक पहुंच सकता है (अधिकतम सीमा 36) दलवार हिस्सेदारी की बात करें तो बीजेपी से करीब 12 और जेडीयू से 11-12 मंत्री शामिल हो सकते हैं। सहयोगी दलों में चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) से 2 और जीतन राम मांझी की ‘हम’ पार्टी से 1 मंत्री बनाए जाने की संभावना है।
जेडीयू-बीजेपी में मंथन तेज
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जेडीयू और बीजेपी के बीच बैठकों का दौर जारी है। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा पटना पहुंचकर वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे। वहीं, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी पटना आ रहे हैं। अंतिम सूची पर मुहर लगाने से पहले नीतीश कुमार के साथ अहम बैठक होने की संभावना है।
सहयोगी दलों की सक्रियता
एनडीए के अन्य सहयोगी दल भी अपनी हिस्सेदारी को लेकर सक्रिय हैं। एलजेपी (रामविलास) के नेता अरुण भारती की मुख्यमंत्री से मुलाकात प्रस्तावित है। सूत्रों के मुताबिक, एलजेपी कोटे से संजय पासवान का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा अन्य सहयोगी दलों से भी कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है।
बड़े नेताओं की मौजूदगी संभव
शपथ ग्रहण समारोह में देश के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रह सकते हैं। साथ ही, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और एनडीए के बड़े नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।
शक्ति प्रदर्शन का मंच बनेगा समारोह
इस मंत्रिमंडल विस्तार को एनडीए की एकजुटता और राजनीतिक ताकत के बड़े प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। पटना शहर में लगाए गए बैनर-पोस्टर में बीजेपी, जेडीयू और सहयोगी दलों के नेताओं की तस्वीरें नजर आ रही हैं।
कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिससे यह आयोजन एक बड़े राजनीतिक शो में तब्दील हो सकता है।