रांची: सीएम हेमंत सोरेन ने राज्य में बेहतर विधि-व्यवस्था को लेकर मंगलवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को अपराध नियंत्रण के लिए पूरी तरह सतर्क और सक्रिय रहने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने लापता बच्चों और महिलाओं के मामलों पर विशेष फोकस करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की जाए। साथ ही अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए।
नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने ड्रग्स की सप्लाई चेन तोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहां-जहां नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री होती है, उन स्थानों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए। खासकर स्कूल, कॉलेज और युवाओं की भीड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने राज्य में अफीम की खेती पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने खूंटी, चतरा और रांची जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा और इसके खिलाफ लगातार मॉनिटरिंग व जन-जागरूकता अभियान चलाने की बात कही।
पुलिस प्रशासन को जनता के साथ बेहतर समन्वय बनाने की हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एसपी, डीएसपी और अन्य अधिकारी नियमित रूप से लोगों से संवाद करें और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करें। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में औचक निरीक्षण बढ़ाने पर भी जोर दिया।
संगठित अपराध और भू-माफियाओं के खिलाफ भी मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी हाल में भू-माफियाओं को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए और भूमि विवादों में कड़ी कार्रवाई की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डीजीपी सहित सभी जोनल और जिला स्तर के पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने हिरासत के दौरान किसी भी प्रकार की यातना या मृत्यु की घटनाओं को गंभीरता से लेने की बात भी कही।