रांची :राजधानी रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ग्रामीण कार्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विभाग पहले भी बड़े घोटालों के आरोपों से घिरा रहा है, लेकिन इसके बावजूद संदिग्ध लोगों को फिर से अहम जिम्मेदारियां दी जा रही हैं, जो सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।

प्रवक्ता ने याद दिलाया कि करीब तीन साल पहले विभाग के तत्कालीन चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम को प्रवर्तन निदेशालय ने कथित हजारों करोड़ के घोटाले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद विभाग के तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम भी जांच के दायरे में आए और गिरफ्तारी की कार्रवाई का सामना किया। उनके करीबियों के यहां से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने की बात भी सामने आई थी।
अजय शाह ने आरोप लगाया कि 23 अप्रैल 2026 को ग्रामीण कार्य विभाग के 10 इंजीनियरों ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर “बबलू मिश्रा” नामक व्यक्ति पर टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप, इंजीनियरों को धमकाने और मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया था। इस पत्र की प्रतिलिपि विभाग के सचिव और अभियंता प्रमुख को भी भेजी गई थी, लेकिन 12 दिनों तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
उन्होंने कहा कि बाद में एक दूसरा पत्र जारी कर पहले पत्र को फर्जी बताया गया, जिस पर भाजपा ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि पहले पत्र पर इंजीनियरों के हस्ताक्षर थे, जबकि दूसरे पत्र में सिर्फ नाम दर्ज किए गए, जिससे पूरे मामले पर संदेह गहराता है। भाजपा ने इस पूरे मामले की फोरेंसिक जांच और हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराने की मांग की है। साथ ही पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर “बबलू मिश्रा” कौन है, जिसकी विभाग में इतनी दखल बताई जा रही है।
पार्टी ने मांग की है कि संबंधित व्यक्ति के कॉल डिटेल्स, विभाग में उसकी मौजूदगी और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने कहा कि अगर सरकार पारदर्शिता के प्रति गंभीर है, तो उसे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।