Shikhar Samvad

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पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन शुभेंदु अधिकारी बने पहले भाजपा मुख्यमंत्री ब्रिगेड ग्राउंड बना इतिहास का गवाह…

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। 15 वर्षों तक सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस सरकार का अंत हो गया और भाजपा ने पहली बार बंगाल की सत्ता पर कब्जा जमाते हुए नया राजनीतिक अध्याय लिख दिया। भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आर.एन. रवि ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ पांच मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण किया।

हजारों कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम लोगों की मौजूदगी में आयोजित यह समारोह पूरी तरह भगवामय नजर आया। भगवा वस्त्र में पहुंचे शुभेंदु अधिकारी ने जैसे ही शपथ ली, पूरा ब्रिगेड ग्राउंड “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे “सोनार बांग्ला” की नई शुरुआत बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने पुराने कार्यकर्ता के पैर छूकर जीता दिल

शपथ ग्रहण समारोह का सबसे भावुक क्षण तब देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर मौजूद एक पुराने भाजपा कार्यकर्ता के पैर छूकर उनका सम्मान किया। इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया और सोशल मीडिया पर भी यह पल तेजी से वायरल हो गया।

समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी समेत एनडीए के कई बड़े नेता मौजूद रहे। यह उपस्थिति बंगाल में भाजपा सरकार को राष्ट्रीय समर्थन का मजबूत संदेश देती दिखी।

294 में 207 सीटें जीतकर भाजपा ने रचा इतिहास

2026 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी महज 80 सीटों तक सिमट गई। शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत हासिल की। भवानीपुर सीट पर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़े अंतर से हराकर चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया।

कभी ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी रहे शुभेंदु अधिकारी ने 2020 में भाजपा का दामन थामा था। इसके बाद उन्होंने बंगाल में भाजपा संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई और अंततः पार्टी को सत्ता तक पहुंचा दिया।

नंदीग्राम आंदोलन से मुख्यमंत्री पद तक का सफर

शुभेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर संघर्ष और जनआंदोलन से जुड़ा रहा है। नंदीग्राम आंदोलन से राज्य की राजनीति में उभरे अधिकारी ने कानून-व्यवस्था, घुसपैठ, भ्रष्टाचार और विकास जैसे मुद्दों को लगातार उठाया। भाजपा ने उन्हें बंगाल में परिवर्तन का चेहरा बनाया और जनता ने भी उन पर भरोसा जताया।

नई सरकार की प्राथमिकताएं तय

शपथ ग्रहण से पहले शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के सिद्धांत पर काम करेगी। उन्होंने बंगाल को “सोनार बांग्ला” बनाने का संकल्प दोहराया।
नई सरकार की प्राथमिकताओं में —
कानून-व्यवस्था को मजबूत करना
घुसपैठ और अवैध गतिविधियों पर रोक
युवाओं को रोजगार
किसानों की आय बढ़ाना
सांस्कृतिक और धार्मिक सद्भाव बनाए रखना शामिल है।

बंगाल की राजनीति में नए दौर की शुरुआत

पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह जीत केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही है। 15 वर्षों बाद टीएमसी शासन का अंत और भाजपा का उदय बंगाल की बदलती राजनीतिक सोच को दर्शाता है। अब पूरे देश की नजर शुभेंदु अधिकारी सरकार के कामकाज और बंगाल के भविष्य पर टिकी हुई है।

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