रांची: झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश और दिल्ली के लोकायुक्त जस्टिस हरीश चंद्र मिश्रा का गुरुवार, 3 सितंबर की सुबह नई दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से झारखंड के न्यायिक और कानून जगत में शोक की लहर है।
जस्टिस एच.सी. मिश्रा का झारखंड से गहरा और ऐतिहासिक जुड़ाव रहा। राज्य गठन के बाद वर्ष 2000 में उन्होंने झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस में योगदान दिया था। अपने न्यायिक करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं।
चारा घोटाला मामलों की सुनवाई भी की
जस्टिस हरीश चंद्र मिश्रा ने देवघर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य किया। इसके बाद रांची में CBI के विशेष न्यायाधीश के तौर पर चारा घोटाला मामलों की सुनवाई की। उन्होंने देवघर और चाईबासा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। वे झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JALSA) के सदस्य सचिव और झारखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल भी रहे।
2011 में हाईकोर्ट के जज बने
अप्रैल 2011 में जस्टिस हरीश चंद्र मिश्रा को झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। इसके बाद उन्होंने न्यायिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। अगस्त 2019 से नवंबर 2019 तक उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली।
अधिवक्ताओं ने जताया गहरा शोक
जस्टिस हरीश चंद्र मिश्रा के निधन पर झारखंड उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ की पूर्व अध्यक्ष ऋतु कुमार और पूर्व कोषाध्यक्ष धीरज कुमार ने गहरा शोक व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि जस्टिस मिश्रा के निधन से न्याय एवं कानून जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके अनुसार, वे न्यायिक क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण स्तंभ थे और उनकी कमी की भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है।