रांची: बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर झारखंड के मौसम पर दिखाई देने लगा है. मौसम प्रणाली के सक्रिय होने और वातावरण में नमी बढ़ने के कारण राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 10 से 12 सितंबर तक झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और वज्रपात की स्थिति बन सकती है. वहीं, कुछ जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है.
आज इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
10 सितंबर को झारखंड के लगभग सभी हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. इस दौरान मध्य और उत्तर-पूर्वी झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है.
रांची, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद और कोडरमा में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके अलावा गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा में भी भारी बारिश का अनुमान है. बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ गरज और वज्रपात की भी संभावना है.
11 सितंबर को पलामू प्रमंडल में ज्यादा असर
11 सितंबर को भी झारखंड में मौसम सक्रिय रहेगा. राज्य के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
इस दिन उत्तर-पश्चिमी झारखंड के पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी है. इसके अलावा राज्य के कई हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात की आशंका भी बनी रहेगी.
12 सितंबर को भी बारिश का दौर जारी
12 सितंबर को भी झारखंड के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है. आसमान में बादल छाए रहेंगे और अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
हालांकि, 10 और 11 सितंबर की तुलना में किसी विशेष जिले के लिए भारी बारिश की प्रमुख चेतावनी नहीं है. फिर भी गरज और वज्रपात के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी.
13 सितंबर के बाद धीरे-धीरे कम होगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, 13 सितंबर को भी राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इसके बाद अगले दो दिनों तक भी कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है, लेकिन मौसम की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने के संकेत हैं.
मौसम खराब होने पर सावधानी जरूरी
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए बारिश और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है. तेज हवा और गरज के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना जरूरी है. खासकर वज्रपात की स्थिति में पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखना बेहतर होगा.