रांची: मतदान के साथ तेज हुई दावों की राजनीति झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान जारी है और इसके साथ ही सियासी बयानबाजी भी चरम पर पहुंच गई है। विधानसभा परिसर में पहुंच रहे उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। चुनावी मुकाबले के बीच निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी और झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम के बयान चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

नाथवानी बोले- सभी दलों से मिलेगा समर्थन
NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी मतदान के दौरान झारखंड विधानसभा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्हें विभिन्न दलों के विधायकों का समर्थन प्राप्त होगा। नाथवानी ने कहा कि उन्हें कई विधायकों का सकारात्मक सहयोग मिलने की उम्मीद है। हालांकि कितने विधायक उनके पक्ष में मतदान करेंगे, इसका खुलासा परिणाम आने के बाद ही हो सकेगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
बैद्यनाथ राम का पलटवार, बोले- दोनों सीटें हमारी
वहीं झामुमो प्रत्याशी बैद्यनाथ राम भी विधानसभा पहुंचे और अपने अंदाज में जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे जितने भी दावे कर ले, लेकिन राज्यसभा की दोनों सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवार ही जीत दर्ज करेंगे। बैद्यनाथ राम ने कहा कि विधानसभा में महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल मौजूद है और परिणाम आने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि दोनों सीटों पर जनता के प्रतिनिधियों ने किस पर भरोसा जताया है।
81 विधायक तय करेंगे राजनीतिक भविष्य
राज्यसभा चुनाव में झारखंड विधानसभा के 81 विधायक अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इन वोटों के आधार पर तीन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। इस चुनाव में झामुमो के बैद्यनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी मैदान में हैं। दो सीटों के लिए हो रहे इस मुकाबले ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है।
क्या कहता है विधानसभा का गणित?
वर्तमान राजनीतिक समीकरणों के अनुसार महागठबंधन के पास कुल 56 विधायकों का समर्थन माना जा रहा है। इनमें झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा माले के 2 विधायक शामिल हैं। वहीं NDA के खाते में 24 विधायक हैं। ऐसे में आंकड़ों के हिसाब से महागठबंधन मजबूत स्थिति में दिखाई देता है, लेकिन चुनावी रणनीति और संभावित क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
नतीजों पर टिकीं निगाहें
मतदान प्रक्रिया के दौरान विधानसभा परिसर में सुरक्षा और चुनावी व्यवस्थाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। चुनाव आयोग की निगरानी में मतदान कराया जा रहा है। अब सभी की निगाहें मतगणना और चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।