पटना/रोहतास: एलपीजी वितरक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को देशव्यापी ‘नो मनी, नो इंडेंट’ आंदोलन कर रहे हैं। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के वितरक इस अभियान में शामिल हैं।
क्या आज नहीं मिलेगी गैस?
इस आंदोलन के तहत वितरक तेल कंपनियों के खाते में राशि जमा नहीं करेंगे और नए एलपीजी सिलेंडरों के लिए इंडेंट यानी मांग पत्र भी नहीं भेजेंगे। हालांकि, एक दिन के इस आंदोलन का मतलब यह नहीं है कि सभी जगह तत्काल गैस सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह बंद हो जाएगी।
इसका असर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध स्टॉक और डिलीवरी व्यवस्था पर निर्भर करेगा। एसोसिएशन के मुताबिक देशभर में करीब 26 हजार एलपीजी वितरक इस आंदोलन में शामिल हैं।
वितरकों की क्या हैं मांगें?
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उदय शंकर के अनुसार वितरक होम डिलीवरी और प्रशासनिक शुल्क मंं 75 रुपये की बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा ई-केवाईसी के लिए प्रति उपभोक्ता 236 रुपये भुगतान की मांग भी रखी गई है।
संगठन ने उपभोक्ताओं पर पीएनजी लेने की कथित अनिवार्यता खत्म करने और तेल कंपनियों के अधिकारियों की ओर से अतिरिक्त उत्पादों की बिक्री के लिए वितरकों पर दबाव डालने की शिकायत भी की है।
26 अक्टूबर को दिल्ली में धरना
एसोसिएशन ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके तहत 26 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक दिवसीय धरना दिया जाएगा।
संगठन का कहना है कि अगर मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो आगे अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया जा सकता है। ऐसी स्थिति में एलपीजी की आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।