रांची: भगवान बिरसा मुंडा बस टर्मिनल, खादगढ़ा परिसर में लंबे समय से खड़ी लावारिस, कंडम और अनुपयोगी बसों को लेकर रांची नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। निगम ने संबंधित बस मालिकों को ऐसी बसें सात दिनों के भीतर टर्मिनल परिसर से हटाने का निर्देश दिया है।
नगर निगम की ओर से 25 सितंबर को जारी आम सूचना में कहा गया है कि प्रकाशन की तारीख से सात दिनों के अंदर संबंधित वाहन मालिक अपने-अपने वाहनों को टर्मिनल परिसर से अनिवार्य रूप से हटा लें। निर्धारित समय सीमा में बसें नहीं हटाने पर निगम नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
जगह घेर रही हैं अनुपयोगी बसें
नगर निगम के मुताबिक, लंबे समय से टर्मिनल परिसर में खड़ी कंडम और अनुपयोगी बसों के कारण अनावश्यक रूप से जगह घिरी हुई है। इन बसों को हटाने के बाद टर्मिनल में यातायात और बस संचालन व्यवस्था को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा।
7 दिन बाद शुरू हो सकती है नीलामी
निगम ने बस मालिकों को चेतावनी दी है कि अगर सात दिनों के भीतर वाहन नहीं हटाए गए तो इसके अगले सात दिनों के अंदर नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी या मोटर वाहन निरीक्षक के माध्यम से संबंधित बसों का मूल्यांकन कराया जाएगा। मूल्यांकन के बाद निर्धारित दर के आधार पर नियमानुसार नीलामी की कार्रवाई की जाएगी।
समय सीमा के बाद आपत्ति पर नहीं होगा विचार
निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद बस मालिकों की ओर से किसी तरह का दावा, अनुरोध या आपत्ति प्रस्तुत की जाती है, तो उस पर विचार नहीं किया जाएगा। ऐसे में वाहन मालिकों को समय सीमा के भीतर ही अपनी बसें हटाने के लिए कहा गया है।
यात्रियों और बस संचालन पर भी पड़ता है असर
खादगढ़ा स्थित भगवान बिरसा मुंडा बस टर्मिनल रांची से विभिन्न जिलों और शहरों के लिए बस परिचालन का प्रमुख केंद्र है। परिसर में लंबे समय से खड़ी अनुपयोगी बसों के कारण यात्रियों, बस संचालकों और अन्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की स्थिति बनती है।
निगम का मानना है कि इन वाहनों को हटाने से टर्मिनल की उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा और परिचालन व्यवस्था को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
निगम की वेबसाइट पर भी सूचना
रांची नगर निगम ने आम सूचना को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। निगम ने सभी संबंधित बस मालिकों से तय समय सीमा के भीतर वाहन हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। समय सीमा का पालन नहीं होने पर मूल्यांकन और नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।