राजगीर बनेगा अंतरराष्ट्रीय खेल हब,
बांका में वाटर स्पोर्ट्स अकादमी और जमुई में शूटिंग रेंज
खेल अवसंरचना के संचालन में PPP मॉडल लागू,
गैर-खेल गतिविधियों पर रोक
बिहार राज्य खेल 27 सितंबर से,
विजेताओं को राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण का अवसर
बिहार में खेल विकास को नई गति, मंत्री श्रेयसी सिंह ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा की

पटना,
बिहार सरकार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने बुधवार को विकास भवन, पटना में खेल विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक कर राज्य में खेल विकास की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में नव नियुक्त खेल सचिव विनोद सिंह गुंज्याल, खेल निदेशक आरिफ अहसन और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री ने विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा हर सोमवार और बुधवार को अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
प्रमुख निर्णय और निर्देश
एकलव्य विद्यालयों और खेल प्रशिक्षण केंद्रों की चयन प्रक्रिया तथा प्रशिक्षण व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग होगी।
प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को देश की प्रतिष्ठित अकादमियों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
राज्य के प्रशिक्षकों को अन्य राज्यों और राष्ट्रीय संस्थानों में आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों के अध्ययन हेतु भेजा जाएगा।
बांका के ओढ़नी डैम में वाटर स्पोर्ट्स अकादमी और जमुई में अत्याधुनिक शूटिंग रेंज विकसित की जाएगी।
Sports Authority of India के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मॉडल पर बिहार में उत्कृष्ट खेल केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
Rajgir को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा।
खेल अवसंरचना के संचालन और रखरखाव के लिए PPP मॉडल लागू किया जाएगा।
राज्य की खेल परिसंपत्तियों का उपयोग गैर-खेल गतिविधियों के लिए नहीं किया जाएगा।
शिवनाथ सिंह को मिलेगा सम्मान
बैठक में बिहार के महान धावक और राज्य के पहले ओलंपियन Shivnath Singh को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया। खेल भवन में उनके जीवन, उपलब्धियों और संघर्षों को प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी प्रेरणा ले सके।
सितंबर में होगा बिहार राज्य खेल
बिहार ओलंपिक संघ 27 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक राज्य खेलों का आयोजन करेगा। संघ के अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि यह आयोजन राज्य के खेल इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।
खिलाड़ियों को मिलेगा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण
राज्य खेलों के विजेताओं को सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण का अवसर दिया जाएगा। साथ ही अंतरराज्यीय एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से बिहार के खिलाड़ी अन्य राज्यों की बेहतर खेल सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
पंचायत स्तर तक सक्रिय होंगी खेल सुविधाएं
प्रखंड और पंचायत स्तर पर निर्मित खेल अवसंरचनाओं को चरणबद्ध तरीके से खेल संघों को सौंपा जाएगा, ताकि इनका नियमित उपयोग और बेहतर संचालन सुनिश्चित हो सके।