पटना: बिहार में प्राकृतिक और मानव जनित आपदाओं से निपटने के लिए राज्यस्तरीय इंसिडेंट रिस्पांस टीम (IRT) का गठन किया गया है। इस टीम का उद्देश्य आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाना, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और प्रभावित क्षेत्रों तक जरूरी संसाधन जल्द पहुंचाना है। टीम की निगरानी की जिम्मेदारी राज्य के मुख्य सचिव को सौंपी गई है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई इस व्यवस्था में अलग-अलग विभागों के अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इससे आपदा के दौरान निर्णय लेने और राहत अभियान शुरू करने में होने वाली देरी को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्य सचिव करेंगे टीम की निगरानी
जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यस्तरीय इंसिडेंट रिस्पांस टीम को नीतिगत दिशा देने और उसकी निगरानी की जिम्मेदारी मुख्य सचिव के पास होगी। वहीं, आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव को इंसिडेंट कमांडर बनाया गया है। अग्निशमन सेवाओं के महानिदेशक सुरक्षा अधिकारी की भूमिका निभाएंगे।
इसके अलावा, आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव या अपर सचिव को उप इंसिडेंट कमांडर की जिम्मेदारी दी गई है। इस व्यवस्था के तहत आपदा के समय अधिकारियों की भूमिका पहले से निर्धारित रहेगी, जिससे जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।
राहत-बचाव से लेकर परिवहन तक का काम संभालेगी टीम
आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्यों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए टीम में अलग-अलग सेक्शन बनाए गए हैं। ऑपरेशन सेक्शन मैदानी गतिविधियों और राहत-बचाव अभियान की जिम्मेदारी संभालेगा। इसके तहत प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी कार्रवाई और संबंधित विभागों के बीच तालमेल सुनिश्चित किया जाएगा।
बचाव एवं राहत कार्यों में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका भी तय की गई है। वहीं, परिवहन शाखा सड़क, रेल, जल और हवाई परिवहन से जुड़े कार्यों का समन्वय करेगी। इसका उद्देश्य राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और अन्य जरूरी संसाधनों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने में आने वाली बाधाओं को कम करना है।
नुकसान का आकलन और संसाधनों की उपलब्धता पर नजर
IRT का प्लानिंग सेक्शन आपदा की स्थिति, उससे हुए नुकसान और उपलब्ध संसाधनों का आकलन करेगा। इसके साथ ही जरूरी रिपोर्ट तैयार करने और घटनाक्रम का रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी भी इसी सेक्शन की होगी। इससे राहत कार्यों की योजना बनाने और आगे की जरूरतों का आकलन करने में मदद मिलेगी।
वहीं, लॉजिस्टिक सेक्शन चिकित्सा सुविधाओं, खाद्य सामग्री, वित्त, भवन, आधारभूत सुविधाओं और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर काम करेगा। आपदा के दौरान राहत सामग्री और सुविधाओं की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में इनकी व्यवस्था और वितरण का बेहतर समन्वय प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने में अहम होगा।
सूचना और मीडिया प्रबंधन की भी जिम्मेदारी तय
आपदा के समय आम लोगों तक सही और जरूरी जानकारी पहुंचाने के लिए सूचना एवं मीडिया प्रबंधन को भी टीम का हिस्सा बनाया गया है। अधिसूचना के अनुसार, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक को सूचना एवं मीडिया अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे मीडिया और आम जनता तक आवश्यक सूचनाएं पहुंचाने का काम करेंगे।
नई व्यवस्था के जरिए बिहार में आपदा प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां स्पष्ट करने पर जोर दिया गया है। इससे राहत-बचाव अभियान, संसाधनों की तैनाती और सूचना के आदान-प्रदान में बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद मिल सकती है।