रांची: झारखण्ड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित झारखंड कैबिनेट की बैठक में कुल 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में राज्य के सड़क अवसंरचना विकास, प्रशासनिक सुधार, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और ग्रामीण विकास योजनाओं से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।

कैबिनेट ने राजधानी क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नामकुम-डोरंडा पथ को फोर लेन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही पोखरिया मोड़ से गोविंदपुर मार्ग के चौड़ीकरण और उसे फोर लेन में विकसित करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से आवागमन सुगम होगा और बढ़ते ट्रैफिक दबाव में कमी आएगी।
बैठक में विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों के वेतनमान को एकरूप करने का निर्णय लिया गया। इस फैसले से अलग-अलग विभागों में कार्यरत कर्मियों को समान वेतन संरचना का लाभ मिलेगा।राज्य में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए झारनेट (JharNet) सेवा के विस्तार को भी मंजूरी दी गई। इससे सरकारी सेवाओं की ऑनलाइन पहुंच और प्रशासनिक कार्यों की दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने गोड्डा जिला समाहरणालय में कार्यरत पांच कर्मियों की सेवा नियमित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से संबंधित महालेखाकार (एजी) की रिपोर्ट को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में राज्य के महाधिवक्ता की नियुक्ति को घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा अपर महाधिवक्ता के पद में संशोधन संबंधी प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से राज्य में आधारभूत संरचना विकास, प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।