रांची में दुर्गा पूजा की धूम, कहीं बृहदेश्वर मंदिर तो कहीं द्वारका नगरी की झलक
रांची:
राजधानी रांची में दुर्गा पूजा को लेकर उत्साह चरम पर है। शहर के प्रमुख पूजा पंडालों को देश के प्रसिद्ध मंदिरों और धार्मिक स्थलों की थीम पर भव्य रूप से सजाया गया है। कई पूजा समितियों के पंडालों के पट बुधवार शाम से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। आकर्षक सजावट, अनूठी वास्तुकला और धार्मिक विषयों पर आधारित पंडाल इस बार खास आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
आमतौर पर दुर्गा पूजा पंडालों के पट महासप्तमी के दिन खोले जाते हैं, लेकिन रांची में कई पूजा समितियां चतुर्थी की शाम से ही श्रद्धालुओं को मां दुर्गा के दर्शन कराने की तैयारी में हैं। पंडालों को अंतिम रूप दिया जा चुका है और श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियां तेज हैं।
इन पंडालों में दिखेगी प्रसिद्ध मंदिरों की झलक
श्री रामलला दुर्गा पूजा समिति, जिला स्कूल मैदान: यहां वाराणसी के प्रसिद्ध स्वर्वेद महामंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल बनाया गया है। इसकी आकर्षक बनावट श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचेगी।
भारतीय युवक संघ, बकरी बाजार: इस पंडाल में दक्षिण भारत के ऐतिहासिक बृहदेश्वर मंदिर की स्थापत्य शैली को दर्शाया गया है।
चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति, मेन रोड: फिरायालाल चौक के पास तैयार पंडाल में द्वारिका नगरी और द्वारका मंदिर की झलक देखने को मिलेगी।
रेलवे स्टेशन दुर्गा पूजा पंडाल: यहां भगवान विष्णु के वामन अवतार और पाताल लोक की थीम पर सजावट की गई है। पौराणिक प्रसंगों को दर्शाता यह पंडाल श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण रहेगा।
बांग्ला स्कूल पंडाल, अपर बाजार: यहां कैलाश मंदिर (शिला कैलाश) की थीम पर मां दुर्गा का दरबार सजाया गया है।
राजस्थान मित्र मंडल, अपर बाजार: यहां भी दुर्गा पूजा को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। आकर्षक सजावट के साथ पंडाल को भव्य रूप दिया गया है।
मोरहाबादी में 50वें वर्ष पर खास आयोजन
मोरहाबादी स्थित गीतांजलि क्लब दुर्गा पूजा समिति इस वर्ष अपनी स्थापना का 50वां वर्ष मना रही है। इस खास मौके पर वेल्लोर के लक्ष्मी नारायण मंदिर की थीम पर पंडाल तैयार किया गया है। यहां मां दुर्गा की प्रतिमा भी विशेष आकर्षण का केंद्र है। मिट्टी से बनी प्रतिमा पर सुनहरे रंग की स्टील की परत चढ़ाई गई है।
ग्रामीण परिवेश से हावड़ा ब्रिज तक की झलक
त्रिकोण हवन कुंड, सुभाष चौक और कचहरी रोड के पंडाल में इस बार ग्रामीण जीवन को जीवंत करने का प्रयास किया गया है। यहां गांव के दृश्य, बग्गी, पालकी, खेलकूद, डीजल ट्रेन, बाइस्कोप और हावड़ा ब्रिज जैसी झलकियां देखने को मिलेंगी।
वहीं, अपर बाजार स्थित ज्योति संगम दुर्गा पूजा समिति ने हस्तशिल्प कला की थीम पर पंडाल तैयार किया है। इसकी वास्तुकला और हस्तशिल्प की बारीकियां श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगी।
रांची में अलग-अलग थीम पर तैयार किए गए इन पंडालों के पट खुलने के साथ ही दुर्गा पूजा की रौनक और बढ़ने की उम्मीद है। शहर के विभिन्न इलाकों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की संभावना है।