Shikhar Samvad

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झारखंड में एसआईआर रोकने की मांग को लेकर मंत्री इरफान अंसारी का बयान कहा गरीबों और आम लोगों को हो रही परेशानी…

रांची: झारखंड के स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन मंत्री और जामताड़ा विधायक डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) को तत्काल रोकने की मांग की है। एक वीडियो संदेश में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रक्रिया के नाम पर गरीबों, आदिवासियों, दलितों, मुस्लिमों, मूलवासियों और अन्य आम लोगों को दस्तावेज जुटाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

कागजी कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग अपने काम-धंधे छोड़कर फॉर्म, दस्तावेज और सत्यापन की प्रक्रिया में लगे हैं। उन्होंने सरकार और चुनाव आयोग से आम लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखने की अपील की।
मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि SIR प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।

चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों पर भी सवाल

मंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान दो अन्य चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि उनके सुझावों और आपत्तियों को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। उन्होंने SIR की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की।
हालांकि, निर्वाचन आयोग की ओर से कहा गया है कि SIR से जुड़े उसके अंतिम निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

30 सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका

झारखंड में SIR के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, सुधार और आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम समयसीमा 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई है। पात्र नागरिक Form 6 के माध्यम से नाम शामिल कराने और Form 8 के जरिए सुधार या पता बदलने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

डॉ. इरफान अंसारी ने SIR प्रक्रिया तत्काल रोकने, पारदर्शी समीक्षा कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। उनके बयान राजनीतिक आरोपों और मांगों पर आधारित हैं; निर्वाचन आयोग ने प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों को सर्वसम्मति से लिया जाना बताया है।

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