रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में अब तक पकड़े गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है।
रांची और लखनऊ में संयुक्त छापेमारी

सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 (22 जुलाई 2026) की जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर सीआईडी की टीम ने रांची और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में लोहरदगा निवासी उमाकांत उरांव, रांची निवासी रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार और धर्मेंद्र कुमार, तथा लखनऊ निवासी रक्षक सिंह शामिल हैं।
एजेंट बनकर अभ्यर्थियों को पहुंचाता था मदद
सीआईडी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच में सामने आया है कि उमाकांत उरांव पर 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित रूप से धोखाधड़ी और अनुचित साधनों का उपयोग कर सफल होने के साथ-साथ अन्य अभ्यर्थियों को परीक्षा में अनुचित लाभ दिलाने के लिए एजेंट के रूप में काम करने का आरोप है।
वहीं, रोशन केरकेट्टा और मनोज कुमार पर भी 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित रूप से धोखाधड़ी और अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर परीक्षा पास करने का आरोप है।
परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी का कर्मचारी भी गिरफ्तार
सीआईडी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी रक्षक सिंह जेपीएससी परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी TDPL में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत है। उस पर भी 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित धांधली और अनुचित साधनों के इस्तेमाल में संलिप्त होने का आरोप है।
डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य बरामद
छापेमारी के दौरान सीआईडी ने मामले से जुड़े डिजिटल उपकरणों और महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य भी बरामद किए हैं। विभाग का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच के दौरान मिलने वाले नए साक्ष्यों के आधार पर आगे भी विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।