रांची: झारखंड से राज्यसभा चुनाव के लिए एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र को लेकर बुधवार को विधानसभा सचिवालय में अहम सुनवाई हुई। रिटर्निंग ऑफिसर एवं विधानसभा के प्रभारी सचिव रंजीत कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला शाम 5 बजे तक के लिए सुरक्षित रख लिया है।

सुनवाई के दौरान कांग्रेस ने परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र में कई गंभीर त्रुटियों का आरोप लगाते हुए उनका नामांकन रद्द करने की मांग की। कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र चौहान ने पक्ष रखा और कहा कि नामांकन पत्र में दी गई जानकारी नियमों के अनुरूप नहीं है तथा कई आवश्यक जानकारियां अधूरी हैं।
वहीं, कांग्रेस की ओर से पैरवी करने के लिए दिल्ली से वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद भी झारखंड विधानसभा पहुंचे। हालांकि, उनका आरोप है कि वे निर्धारित समय पर पहुंचे थे, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही सुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। उन्होंने इस पर आपत्ति भी दर्ज कराई।
कांग्रेस ने अपनी आपत्ति में कहा है कि परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में उनके नाम की प्रविष्टि अलग-अलग है। इसके अलावा कंपनी में निदेशक पद से जुड़ी जानकारी, आपराधिक मामलों के विवरण और अन्य आवश्यक सूचनाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
गौरतलब है कि इन्हीं आपत्तियों के आधार पर रिटर्निंग ऑफिसर ने पहले परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र को होल्ड पर रखा था और उनसे स्पष्टीकरण मांगा था। इसके बाद नाथवानी ने विधानसभा सचिवालय में अपना लिखित जवाब और आवश्यक दस्तावेज जमा किए।
अब दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने अपना निर्णय शाम 5 बजे तक सुरक्षित रख लिया है। इस फैसले पर सभी राजनीतिक दलों की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि इससे झारखंड राज्यसभा चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।