रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा झटका लगा है। पीएमएलए की विशेष अदालत ने उनकी ओर से दायर डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी है। इस फैसले के साथ ही मामले में आरोप तय किए जाने का रास्ता साफ हो गया है।

मुख्यमंत्री ने अदालत से आग्रह किया था कि उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं, इसलिए उन्हें मामले से मुक्त किया जाए। हालांकि अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और आरोपमुक्त करने की मांग ठुकरा दी।
यह मामला उस कथित जमीन घोटाले से जुड़ा है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) लंबे समय से कर रहा है। जांच के दौरान ईडी ने कई स्थानों पर छापेमारी की, दर्जनों लोगों से पूछताछ की और मामले में कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। हेमंत सोरेन का नाम भी इसी जांच के दौरान सामने आया था।
गौरतलब है कि 31 जनवरी 2024 को ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था। लगभग पांच महीने जेल में रहने के बाद उन्हें 28 जून 2024 को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। ईडी इस मामले में मुख्यमंत्री समेत करीब डेढ़ दर्जन लोगों को आरोपी बना चुकी है।
विशेष अदालत के ताजा फैसले ने एक बार फिर इस बहुचर्चित मामले को सुर्खियों में ला दिया है। अब सभी की नजरें आरोप गठन की आगामी प्रक्रिया और मामले की आगे की सुनवाई पर टिकी हैं।