जमशेदपुर: झारखंड सरकार ने पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में हालिया आपराधिक घटनाओं के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। जमशेदपुर में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रशासन ने छह थाना क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। साथ ही पुलिस प्रशासन में भी बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं।

6 थाना क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू
धालभूम अनुमंडल प्रशासन ने बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार एंड रेस्टोरेंट में हुई घटना के बाद साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा, मानगो और एमजीएम थाना क्षेत्रों में धारा 163 लागू कर दी है।
निषेधाज्ञा के तहत धरना-प्रदर्शन, जुलूस, घेराव और पुतला दहन पर रोक रहेगी। इसके अलावा बिना अनुमति लाउडस्पीकर के उपयोग और पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी प्रतिबंध रहेगा। सार्वजनिक स्थानों पर हथियार, लाठी-डंडा, तलवार, तीर-धनुष या अन्य घातक वस्तुओं के साथ निकलने की अनुमति नहीं होगी। यह आदेश 1 जुलाई 2026 से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, पुलिस, प्रशासन, चिकित्साकर्मी और मीडिया कर्मियों को इससे छूट दी गई है।
लापरवाही पर अधिकारियों पर कार्रवाई
सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कथित लापरवाही के आरोप में पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी और सरायकेला-खरसावां के एसपी को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
स्थिति पर कड़ी निगरानी के लिए सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी दी है। चाईबासा के आयुक्त क्षेत्र में कैंप कर प्रतिदिन कानून-व्यवस्था की समीक्षा करेंगे, जबकि जमशेदपुर डीआईजी शहर में रहकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। वहीं रांची एडीजी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
सरकार का कहना है कि प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।